एपल का प्रॉफिट 16% घटा, फिर भी मुनाफे में 118% बढ़ोतरी वाली अमेजन के मुकाबले यह 3 गुना - Dainik Bhaskar - News Summed Up

एपल का प्रॉफिट 16% घटा, फिर भी मुनाफे में 118% बढ़ोतरी वाली अमेजन के मुकाबले यह 3 गुना - Dainik Bhaskar


Dainik Bhaskar May 02, 2019, 11:07 AM ISTदुनिया की 4 प्रमुख कंपनियों अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एपल, फेसबुक और भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस के नतीजों का एनालिसिसअमेजन ने निवेशकों को एक तिमाही में सबसे ज्यादा 492 रु. रिटर्न दिया, रिलायंस ने इससे 28 गुना कम यानी 17.5 रु. रिटर्न दियाफेसबुक ने डेटा प्राइवेसी से जुड़े मामले में कानूनी खर्चों के लिए 20,844 करोड़ रु. अलग रखे, इसलिए मुनाफा घटानई दिल्ली. प्रॉफिट और रेवेन्यू घटने के बावजूद एपल 1 लाख करोड़ रुपए का मार्केट कैप छू चुकी दो अन्य कंपनियों अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट से आगे है। मार्च तिमाही में एपल का प्रॉफिट 80,325 करोड़ रुपए रहा, जबकि अमेजन का 24,741 करोड़ रुपए और माइक्रोसॉफ्ट का 61,204 करोड़ रुपए रहा। भास्कर प्लस ऐप ने जब दुनिया की चार प्रमुख कंपनियों अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एपल और फेसबुक के तिमाही नतीजों का एनालिसिस किया तो पाया कि मार्केट कैप और तिमाही रेवेन्यू के मामले में अमेजन और एपल बराबरी पर हैं। लेकिन एपल का प्रॉफिट अमेजन से 55,584 करोड़ रुपए ज्यादा है। वहीं, मार्केट कैप के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज इनसे पीछे है। रिलायंस का मार्च तिमाही में मुनाफा 10,362 करोड़ रुपए रहा। मार्केट कैप के मामले में भी रिलायंस अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और एपल से करीब 8 गुना पीछे है।वजह : आईफोन की कम बिक्री ने एपल का मुनाफा घटाया, अमेजन-माइक्रोसॉफ्ट को क्लाउड सर्विसेज से फायदाफ्लैगशिप प्रोडक्ट आईफोन की बिक्री का घटना एपल के रेवेन्यू और मुनाफे में आई कमी का बड़ा कारण रहा। 2018 की मार्च तिमाही में कंपनी ने 2.62 लाख करोड़ रुपए के आईफोन बेचे थे। मार्च 2019 की तिमाही में यह आंकड़ा 17% घटकर 2.17 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। इसके उलट अमेजन को एडवरटाइजिंग, क्लाउड और थर्ड पार्टी सेलर सर्विसेज में अच्छी ग्रोथ मिली। इससे उसके मुनाफे में इजाफा हुआ। माइक्रोसॉफ्ट की अजुरे क्लाउड सर्विसेज के रेवेन्यू में मार्च 2019 तिमाही में 41% की बढ़ोतरी हुई। यह इसके मुनाफे और रेवेन्यू में बढ़ोतरी का बड़ा कारण रहा। अजुरे, ऑफिस 365 और लिंक्डइन कंपनी की क्लाउड सर्विसेज है।फेसबुक को जुर्माने की आशंकाफेसबुक के मुनाफे में इसलिए कमी आई क्योंकि उसने 20,844 करोड़ रुपए की नेट इनकम को अलग कर दिया। यह राशि कंपनी ने डेटा प्राइवेसी मामले में 3 से 5 अरब डॉलर के जुर्माने की आशंका के चलते रखी है। अगर यह राशि अलग नहीं की जाती तो फेसबुक का मुनाफा 37,720 करोड़ रुपए होता जो मार्च 2018 तिमाही की तुलना में 8.9% ज्यादा होता। हालांकि, तब भी इसके प्रॉफिट में बढ़ोतरी अन्य चार कंपनियों के तिमाही नतीजों की तुलना में कम ही रहती। उधर, रिलायंस का प्रॉफिट रिटेल और डिजिटल बिजनेस के रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ से बढ़ा है।रेवेन्यू में सबसे ज्यादा इजाफा फेसबुक कामार्च 2019 की तिमाही में रेवेन्यू में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी फेसबुक के नतीजों में देखने को मिली। 2018 की तुलना में इसमें 26% बढ़ोतरी हुई। हालांकि एपल (4.03 लाख करोड़ रुपए) और अमेजन (4.14 लाख करोड़ रुपए) की तुलना में फेसबुक का रेवेन्यू 4 गुना कम है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट की तुलना में यह आधा है। रिलायंस भी रेवेन्यू के मामले में फेसबुक से आगे है। फेसबुक का मार्च तिमाही में 1.04 लाख करोड़ रुपए रेवेन्यू रहा। वहीं, रिलायंस का रेवेन्यू 1.54 लाख करोड़ रुपए रहा।रेवेन्यू मार्च तिमाही 2019 मार्च तिमाही 2018 कमी/बढ़ोतरी अमेजन 4.15 लाख करोड़ रुपए 3.54 लाख करोड़ रुपए 17% बढ़ा माइक्रोसॉफ्ट 2.12 लाख करोड़ रुपए 1.86 लाख करोड़ रुपए 14% बढ़ा एपल 4.03 लाख करोड़ रुपए 4.25 लाख करोड़ रुपए 5% घटा फेसबुक 1.04 लाख करोड़ रुपए 83 हजार करोड़ रुपए 26% बढ़ा रिलायंस 1.54 लाख करोड़ रुपए 1.29 लाख करोड़ रुपए 19.4% बढ़ाअमेजन के शेयरों ने सबसे ज्यादा रिटर्न दियामार्च 2019 की तिमाही में अमेजन ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर 492 रुपए रिटर्न दिया, जो एपल के शेयरों से हुई आमदनी का करीब 3 गुना, माइक्रोसॉफ्ट से 6 गुना और फेसबुक से 8 गुना ज्यादा रहा। वहीं, रिलायंस से यह 28 गुना ज्यादा है। निजता के उल्लंघन मामले में 3 अरब डॉलर के लीगल एक्सपेंसेस के चलते फेसबुक की प्रति शेयर आमदनी घटी है।


Source: Dainik Bhaskar May 02, 2019 01:30 UTC



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