विकास कुमार हजारीबाग जिले के अति उग्रवाद प्रभावित चुरचू प्रखंड की महिलाओं ने कोरोना सेविकास कुमार हजारीबाग : जिले के अति उग्रवाद प्रभावित चुरचू प्रखंड की महिलाओं ने कोरोना से लड़ाई का एक बेहद कारगर माडल पेश किया है। यहां जिले में सबसे अधिक 25 हजार से अधिक कोरोना संदिग्धों की जांच हुई लेकिन कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 100 भी नहीं छू पाया। आठ माह तक की जांच में सिर्फ 72 कोरोना संक्रमित मिले। पिछले डेढ़ माह में तो कोई भी संक्रमित नहीं मिला। इस प्रखंड में अब तक किसी भी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई जबकि पूरे जिले में मौत का आंकड़ा 53 पहुंच चुका है। इसके पास के प्रखंड विष्णुगढ़ की ही बात करें तो यहां 24 हजार संदिग्धों की जांच की गई, जिसमें 188 संक्रमित मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। यह सब संभव हो सका है प्रखंड की महिलाओं की सजगता के कारण। मालूम हो कि इस प्रखंड में महिला साक्षरता महज 16.6 फीसद है। बावजूद इसके महिलाओं ने कोरोना को लेकर जारी निर्देशों को न सिर्फ अच्छी तरह समझा बल्कि इसके मानक अपने घरों में भी लागू कर परिवार को इस संकट से बचाया। महिलाओं को प्रेरित करने में प्रखंड के चिकित्सा प्रभारी डा. एपी चैतन्या की भूमिका अहम रही। उन्होंने शुरू से ही महिलाओं को कोरोना के गाइडलाइन को फोलो करने के लिए जागरूक किया। उन्हें महिलाओं को इस संक्रमण की भयावहता बताई। साथ ही अपना घर सुरक्षित घर बनाने को प्रेरित किया। इस कार्य में उन्हें प्रशासन का भी भरपूर साथ मिला।----------------------एक भी स्वास्थ्य कर्मी नहीं हुआ संक्रमितजिले का यह एक मात्र प्रखंड रहा जहां सबसे कम संक्रमित मरीज मिले साथ ही यहां कोई स्वास्थ्य कर्मी भी संक्रमित नहीं हुआ। स्वास्थ्य कर्मियों से लेकर चिकित्सकों ने कोविड के नियमों का पालन किया। हर दिन स्क्रीनिग कैंप में भी शामिल हुए लेकिन सिर्फ नियमों के पालन की वजह से संक्रमण से दूर रहे। शुरुआती दौर में तो पीपीइ किट की अनुपलब्धता में चिकित्सकों और कर्मियों ने जुगाड़ टेक्नोलाजी का इस्तेमाल कर बरसाती को ही पीपीइ किट बना लिया।-----------------------ना कोई समारोह ने बाजार में जुटी भीड़चुरचू प्रखंड शुरू से ही अलर्ट मोड पर रहा है। लाकडाउन के शुरुआती दौर में यहां ना कोई समारोह हुआ और ना बाजार में लोगों की भीड़ जुटी। लोगों ने दो गज दूरी मास्क है जरूरी के नियम का भी पूरी तरह पालन किया।--------------------गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए विशेष कैंप, उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को किया था टैगकोरोना से लड़ाई के लिए डा. एपी चैतन्या ने यहां हर मानक का ध्यान रखा। गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए विशेष कैंप का आयोजन किया गया। घर-घर जाकर भी सहिया की मदद से गर्भवती महिलाओं की कोरोना जांच की गई। डा. चैतन्या के इस प्रयास को जिले स्तर पर भी सराहना मिली। तत्कालीन उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह ने स्वास्थ्य विभाग व केंद्र सरकार के आफिशियल ट्विटर एकाउंट पर इसे ट्विट भी किया।----------------चुरचू प्रखंड में हमलोगों ने शुरू से ही कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन को पूरी तरह फोलो किया। महिलाओं को अपना घर सुरक्षित घर के लिए प्रेरित किया। शुरू से ही अलर्ट मोड पर रहे। पहले दिन से कैंप लगाकर लोगों की जांच की गई। परिणाम अब सबके सामने है।डा. एपी चैतन्या, चिकित्सा प्रभारी चुरचूडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran December 26, 2020 13:18 UTC