डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, पिछले शनिवार 28 फरवरी को लड़कियों के एलिमेंट्री स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें 150 से ज्यादा लोग मारे गए, इनमें ज्यादातर छात्राएं ही थीं। इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स ने इस हमले को लेकर कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। US अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच चल रही है जबकि ईरान ने हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। स्कूल में हुए हमले पर ट्रंप का बयान अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान पर आरोप लगाया कि ईरान के अधिकारियों ने ही दक्षिणी काउंटी मिनाब के एक स्कूल पर जानलेवा हमला किया है। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में रिपोर्टर्स से बात करते हुए कहा, 'हमें लगता है कि यह ईरान ने किया है। क्योंकि जैसा कि आप जानते हैं, वे अपने हथियारों के मामले में बहुत गलत हैं। उनके पास बिल्कुल भी एक्यूरेसी नहीं है।'पेंटागन ने पुष्टि की है कि वह हमले की जांच कर रहा है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, 'अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा।' किसने किया हमला? न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने गुरुवार को बताया कि अमेरिकी सेना के बयानों से पता चलता है कि सेना होर्मुज जलडमरूमध्य के पास नौसेना के ठिकानों पर हमला कर रही थी, जहां रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का बेस है। इससे पता चलता है कि हमला करने की सबसे ज्यादा आशंका उन्हीं की थी।टाइम्स ने कहा कि हमले के समय के सोशल मीडिया पोस्ट, साथ ही गवाहों की तस्वीरों और वीडियो के एनालिसिस से पता चला कि स्कूल पर उसी समय हमला किया गया था जब गार्ड्स के नौसेना बेस की जगहों पर हमला हुआ था।
Source: Dainik Jagran March 08, 2026 12:38 UTC