इस देश में प्रति दिन हो रही 64 करोड़ डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस.... - News Summed Up

इस देश में प्रति दिन हो रही 64 करोड़ डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस....


पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो का सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। रूस में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी प्रति दिन की डील्स की वैल्यू लगभग 64.8 करोड़ डॉलर की है। अमेरिका सहित कुछ पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहे रूस में यह सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इनमें से अधिकतर ट्रांजैक्शंस रेगुलेटेड नहीं हैं।एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि रूस में क्रिप्टो से जुड़ी वार्षिक ट्रांजैक्शंस की वैल्यू 130 अरब डॉलर से ज्यादा की है। रूस के डिप्टी फाइनेंस मिनिस्टर, Ivan Chebeskov ने बताया है, "देश में क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल बढ़ रहा है। हमने पहले भी कहा है कि लाखों नागरिक क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े हैं। यह अनरेगुलेटेड सेगमेंट में हो रहा है। यह हमारे नियंत्रण के दायर से बाहर है।" सेंट्रल बैंक ऑफ रशिया (CBR) के फर्स्ट डिप्टी चेयरमैन, Vladimir Chistyukhin ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ड्यूमा (रूस की पार्लियामेंट) के आगामी सत्र में क्रिप्टो मार्केट के लिए सांसद नए रेगुलेशंस को स्वीकृति देंगे। सरकार और सेंट्रल बैंक दोनों रेगुलेशंस का समर्थन करते हैं।रूस का कानून मुख्यतौर पर एक्सचेंजों पर जोर देगा और ऐसे ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर पेनल्टी लगाई जाएगी जिनके पास ऑपरेटिंग परमिट नहीं हैं। रूस के सबसे बड़े स्टॉक मार्केट, मॉस्को एक्सचेंज के अधिकारियों ने कहा है कि भी क्रिप्टो से जुड़ी ट्रांजैक्शंस में हिस्सेदारी चाहते हैं। इस देश में क्रिप्टो माइनिंग का सेगमेंट भी बढ़ रहा है। पिछले वर्ष के अंत में CBR ने माना था कि रूबल में आ रही तेजी के पीछे बिटकॉइन माइनिंग का भी असर है।CBR की चीफ, Elvira Nabiullina ने बताया था कि रूबल में तेजी के पीछे क्रिप्टो माइनिंग की ताकत भी शामिल है। हालांकि, इसके साथ ही उनका कहना था कि इसके असर का अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि क्रिप्टो माइनिंग का एक बड़ा हिस्सा रेगुलेटेड नहीं है क्योंकि इसमें अवैध तौर पर माइनिंग करने वालों की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे पहले रूस के प्रेसिडेंट Vladimir Putin के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े फंड का अनुमान लगाना मुश्किल है। इस वजह से रूबल के लिए सही पूर्वानुमान नहीं दिया जा सकता है। उनका कहना था कि रूस के लिए क्रिप्टो माइनिंग एक छिपा हुआ एक्सपोर्ट बन चुका है और इससे देश के फॉरेन एक्सचेंज मार्केट पर भी असर पड़ रहा है।


Source: NDTV February 16, 2026 07:23 UTC



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