सातवें कोलकाता लोक फिल्म महोत्सव के पहले दिन गुरुवार को अपने संबोधन में रॉय ने कहा, 'इस्लामोफोबिया को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा था.' लेखिका ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून आर्थिक रूप से वंचित और हाशिये के मुस्लिमों, दलितों और महिलाओं को काफी प्रभावित करेगा. यह इस रूप में भी छलावा है कि एनआरसी और सीएए के सही उद्देश्य को छिपाया गया है.' उन्होंने कहा कि देशव्यापी जन आंदोलनों ने 'बीजेपी...आरएसएस की शक्तियों को कुंद किया है... जो सांप्रदायिक नफरत है.' रॉय ने कहा, 'अब हर तरह की आवाज उठ रही है... जिसमें हर तरह की मुस्लिम आवाज शामिल है.
Source: NDTV January 24, 2020 10:36 UTC