Moneybhaskar.com Jul 23,2019 06:16:00 PM ISTनई दिल्ली/दुबई. रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की अपनी रिफाइनिंग एसेट्स की अल्पांश हिस्सेदारी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) को बेचने को लेकर चल रही बातचीत वैल्युएशन और डील के स्ट्रक्चर के चलते अटक गई है। रॉयटर्स ने दो सूत्रों के हवाले से यह बात कही।सऊदी अरब की कंपनी का है यह प्लानसऊदी अरब के स्वामित्व वाली और दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल प्रोड्यूसर अरामको की अपने क्रूड के लिए नए बाजारों को सुरक्षित करने के लिए रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स में निवेश बढ़ाने की योजना है और कंपनी तेल की डिमांड में कमी के जोखिम को कम करने के लिए केमिकल सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद कर रही है।एसपीवी की 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है आरआईएलआरआईएल ने शुरुआती तौर पर रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और मार्केटिंग को कवर करने वाले अपने स्पेजल परपज व्हीकल (एसपीवी) की कम से कम 20 फीसदी हिस्सेदारी अरामको को ऑफर करने के लिए बात की थी। इसका उद्देश्य अगले चरण के विस्तार पर भी केंद्रित था।ऊंची वैल्युएशन के चलते अटकी डीलएक अन्य सूत्र ने कहा, ‘बातचीत अटक गई है, क्योंकि रिलायंस ऊंची वैल्युएशन की मांग कर रही थी और होल्डिंग कंपनी के कर्ज को नए एसपीवी को ट्रांसफर करना चाहती थी।’अंबानी का है यह प्लानएशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस जामनगर में 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन ऑयल प्रोसेसिंग क्षमता वाले दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्पलेक्स का परिचालन करती है। भारत सरकार के साथ साझा किए गए प्लान के मुताबिक, कंपनी की 2030 तक 2 मिलियन टन तक क्षमता बढ़ाने की योजना है। हालांकि इस रिपोर्ट पर रिलायंस और सऊदी अरामको से कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी।
Source: Dainik Bhaskar July 23, 2019 12:45 UTC