आम आदमी को राहत... फल, तेल और ड्राई फ्रूट्स के गिरेंगे दाम, ट्रंप के फैसले से और क्या होगा सस्ता? देखें पूरी लिस्ट - News Summed Up

आम आदमी को राहत... फल, तेल और ड्राई फ्रूट्स के गिरेंगे दाम, ट्रंप के फैसले से और क्या होगा सस्ता? देखें पूरी लिस्ट


डिजिटल डेस्क। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक युद्ध की आहट अब एक ऐतिहासिक 'सौदा वार्ता' में बदल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2 फरवरी को हुई सफल वार्ता के बाद, ट्रंप प्रशासन ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क (टैरिफ) को पूरी तरह हटाने का कार्यकारी आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश 7 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा।हालांकि, इस बड़ी राहत के साथ व्हाइट हाउस ने एक स्पष्ट 'चेतावनी' भी जुड़ी रखी है। यदि भारत रूस से तेल का प्रत्यक्ष या परोक्ष आयात दोबारा शुरू करता है, तो यह भारी शुल्क फिर से लगा दिया जाएगा। क्या सस्ता होगा और क्या महंगा? इस अंतरिम समझौते के बाद दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि इस डील का भारतीय बाजार और उद्योगों पर क्या असर पड़ेगा: इन चीजों के घटेंगे दाम: अमेरिका से आने वाली मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्राई फ्रूट्स, सोयाबीन तेल और अमेरिकी शराब सस्ती होगी। भारत ने इन उत्पादों की राह में आने वाली व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की सहमति दी है। भारतीय उद्योगों को 'बंपर' फायदा: भारत के ऑटोमोबाइल, विमानन पुर्जे (Aviation Parts), जेनेरिक दवाइयां और रत्न-आभूषण (Gems & Jewelry) क्षेत्र को सबसे ज्यादा लाभ होगा। अमेरिका इन उत्पादों पर से अतिरिक्त टैरिफ हटा रहा है। इसके बदले, भारतीय ऑटोमोबाइल पुर्जों को अमेरिकी बाजार में 'विशेष रियायती कोटा' मिलेगा।भारतीय किसानों के लिए राहत: सरकार ने स्पष्ट किया है कि गेहूं, चावल, दूध, पनीर और केला जैसे पारंपरिक कृषि उत्पादों के आयात को मंजूरी नहीं दी गई है। अतः भारतीय किसानों को अमेरिकी प्रतिस्पर्धा से डरने की जरूरत नहीं है। पशुपालन क्षेत्र के लिए 'गेमचेंजर' साबित होगी डील भारत में चारे की भारी किल्लत को देखते हुए सरकार ने अमेरिकी पशु चारे के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, 75% पशुपालक चारे की कमी से जूझ रहे हैं। अब अमेरिका से लाल ज्वार और इथेनॉल के बाद बचा हुआ अनाज (पशु आहार के लिए) आयात किया जाएगा, जिससे डेयरी उद्योग की लागत घटेगी। रूस के तेल पर 'कड़ी निगरानी' व्हाइट हाउस के नए आदेश के मुताबिक, अमेरिकी वाणिज्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बात की लगातार निगरानी करेंगे कि क्या भारत फिर से रूसी तेल की खरीद शुरू कर रहा है। ट्रंप का दावा है कि भारत ने भविष्य में रूस से पेट्रोलियम उत्पाद न खरीदने का वादा किया है।


Source: Dainik Jagran February 07, 2026 10:47 UTC



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