विश्लेषकों का कहना है कि चांदी में आई तेज गिरावट ने इसके ऊंचे मूल्यांकन और बढ़ी हुई अस्थिरता को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। हालांकि, उनका यह भी मानना है कि लंबी अवधि में चांदी की मांग और कीमत के बुनियादी कारक अभी भी मजबूत हैं। जेपी मॉर्गन के निवेश बैंकरों ने चेतावनी दी है कि चांदी के ऊंचे मूल्यांकन के कारण बाजार में तनाव के समय में कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि निकट भविष्य में कीमतों में कुछ स्थिरता आ सकती है और अगले साल रिकवरी की उम्मीद है। बाजार के जानकारों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे एकमुश्त निवेश करने के बजाय किश्तों में निवेश करें। इससे बाजार में प्रवेश के जोखिम को कम किया जा सकता है। पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन ने निवेशकों को सलाह दी कि जब तक बाजार में स्थिरता न लौटे, तब तक कीमती धातुओं के बाजार से दूर रहें।
Source: Navbharat Times February 07, 2026 08:02 UTC