'असम-बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर सारे घुसपैठिए वापस भेजेंगे', बंगाल में बरसे अमित शाह - News Summed Up

'असम-बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर सारे घुसपैठिए वापस भेजेंगे', बंगाल में बरसे अमित शाह


पीटीआई, पाथरकांडी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बंगाल में 'परिवर्तन' अनिवार्य है और जब भाजपा राज्य में सत्ता में आएगी तो असम, त्रिपुरा और बंगाल के सभी घुसपैठियों को उनके देशों में वापस भेज दिया जाएगा। भारत कोई धर्मशाला नहीं है, इसलिए यहां घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध करती है क्योंकि उसे पता है कि यह कानून सुनिश्चित करेगा कि राज्य में कोई घुसपैठिया नहीं रहने पाए। असम के पाथरकांडी में एक चुनावी रैली में भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस ने असम के बराक घाटी में अवैध प्रवासियों को शरण दी है, जिससे वे श्रीभूमि, सिलचर और काछार जिलों में ''प्रमुख'' हैं।अमित शाह ने आरोप लगाया, ''बांग्लादेश में प्रताडि़त होकर भारत आए हिंदू सीएए कानून के दायरे में आते हैं। कांग्रेस इसका विरोध करती है, लेकिन पार्टी मुस्लिम घुसपैठियों का स्वागत करने के लिए रेड कारपेट बिछाती है। बंगाल में एक 'परिवर्तन' अनिवार्य है।''उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस घुसपैठियों की मदद से सत्ता में वापस आना चाहती है, लेकिन राहुल बाबा को जानना चाहिए कि उनकी तीन पीढि़यां असम को घुसपैठियों की भूमि नहीं बना सकतीं। उन्होंने आरोप लगाया, ''जब से राहुल कांग्रेस के नेता बने, सभी कांग्रेस नेताओं की सार्वजनिक छवि गिर गई। राहुल का प्रदर्शनकारियों को 'बब्बर शेर' कहना दिखाता है कि कांग्रेस किस स्तर पर गिर गई है।''खरगे के 'जहरीले सांप' टिप्पणी की आलोचना अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे के भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति 'जहरीले सांप' की टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि यह पार्टी ''भारत को शर्मिंदा करने'' के लिए निम्न स्तर तक गिर रही है।राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस देश के लिए खतरा बनती जा रही है और 'जहरीली' भाषा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि 9 अप्रैल को असम के लोगों को कांग्रेस को उचित जवाब देना चाहिए। आपको सुनिश्चित करना होगा कि इसे आगामी चुनावों में हाशिए पर लाया जाए।'पीएम मोदी ने असम की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाया'' अमित शाह ने असम की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार की पहलों पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने असमिया और बांग्ला को शास्त्रीय भाषाएं घोषित किया।


Source: Dainik Jagran April 08, 2026 15:09 UTC



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