वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उत्तर कोरिया द्वारा किए जा रहे हथियारों का परीक्षण 'विश्वास का तोड़ा जाना' यानी विश्वासघात नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब उत्तर कोरिया ने पुराने ढर्रे पर लौटते हुए एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार मिसाइलों का परीक्षण किया है।हालांकि, उत्तर कोरिया कहना है कि वह आत्मरक्षा के लिए इन हथियारों का परीक्षण कर रहा है।उल्लेखनीय है कि बीते फरवरी महीने में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वियतनाम में एक शिखर वार्ता हुई थी। इसमें उत्तर कोरिया ने अमेरिका से प्रतिबंधों को हटाने की मांग की थी। इस मांग के कारण यह वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई थी। इसके बाद से ही उत्तर कोरिया लगातार हथियारों का परीक्षण कर रहा है।उत्तर कोरिया ने अभी दो दिन पहले ही सिनो-री शहर के पास से कम दूरी की दो मिसाइलें दागी थी जो 270 और 420 किमी दूर तक गई थीं। इससे पहले किम जोंग उन की निगरानी में उत्तर कोरिया ने बीते शनिवार को भी कम दूरी की कई मिसाइलें और रॉकेट दागे थे। इस पर जापान और दक्षिण कोरिया ने जहां इस पर चिंता जताई थी। लेकिन, इन परीक्षणों को ट्रंप ने ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया था। उन्होंने ट्वीट कर उम्मीद जताई कि किम अमेरिका से किया वादा नहीं तोड़ेगें।हालांकि, पिछले साल उसने एक भी मिसाइल या परमाणु परीक्षण नहीं किया था। उसने अंतिम बार मिसाइल परीक्षण नवंबर, 2017 में किया था। गत जून में ट्रंप और किम की पहली ऐतिहासिक शिखर वार्ता सिंगापुर में हुई थी। लेकिन, ट्रंप के साथ दूसरी शिखर वार्ता विफल होने के बाद उत्तर कोरिया ने गत 18 अप्रैल को एक नए गाइडेड हथियार का परीक्षण किया था।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Krishna Bihari Singh
Source: Dainik Jagran May 11, 2019 02:12 UTC