अमेरिका / डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी समेत कई तरह के वर्क वीजा पर 31 दिसंबर तक के लिए रोक लगाई, सुंदर पिचाई और एलन मस्क ने नाराजगी जताई - News Summed Up

अमेरिका / डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी समेत कई तरह के वर्क वीजा पर 31 दिसंबर तक के लिए रोक लगाई, सुंदर पिचाई और एलन मस्क ने नाराजगी जताई


डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट के कारण नौकरियां खोने वाले लाखों अमेरिकियों के लिए यह आवश्यक था।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट के कारण नौकरियां खोने वाले लाखों अमेरिकियों के लिए यह आवश्यक था।24 जून से लागू होगा नया फैसला, कारोबारी संस्थानों ने किया विरोधएच-2बी और एल जैसे अन्य फॉरेन वर्क वीजा भी सस्पेंड किएदैनिक भास्कर Jun 23, 2020, 01:42 PM ISTनई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ग्रीन कार्ड और एच-1बी वीजा पर इस साल के अंत तक के लिए रोक लगाने की घोषणा की है। एच-1बी वीजा भारत के आईटी प्रोफेशनल्स के बीच काफी प्रसिद्ध है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने कई अन्य फॉरेन वर्क वीजा भी सस्पेंड किए हैं। इसमें एच-2बी, एल और जे-वीजा भी शामिल हैं। ट्रंप के इस फैसले के बाद यह वीजाधारक और इनके डिपेंडेंट 31 दिसंबर 2020 तक अमेरिका नहीं जा पाएंगे। जे-वीजा इंटर्न, ट्रेनी, शिक्षक, कैंप काउंसलर या समर वर्क ट्रेवल प्रोग्राम के लिए जारी किया जाता है।अमेरिकियों के हित में लिया फैसला: ट्रंपइस फैसले की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट के कारण नौकरियां खोने वाले लाखों अमेरिकियों के लिए यह आवश्यक था। नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले लिए गए इस फैसले का कारोबारी संस्थान, कानून निर्माता और ह्यूमन राइट्स संगठन विरोध कर रहे हैं। लेकिन ट्रंप ने इस विरोध को पूरी तरह से नकार दिया है।24 जून से लागू होंगे यह प्रतिबंधडोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए यह प्रतिबंध 24 जून से लागू होंगे। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे भारतीय आईटी प्रोफेशनल प्रभावित होंगे जिनको अमेरिकी और भारतीय कंपनियों ने 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2021 के लिए यह वीजा जारी किया है। अब ऐसे प्रोफेशनल्स को कम से कम इस साल के अंत तक इंतजार करना होगा। इसके अलावा इस फैसले का असर उन प्रोफेशनल्स पर भी पड़ेगा जो अपना एच-1बी वीजा रिन्यूअल कराना चाहते हैं।अमेरिका से बाहर रहने वालों पर लागू होगा यह फैसलाडोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के मुताबिक, इस फैसले का असर अमेरिका से बाहर रह रहे लोगों पर पड़ेगा। घोषणा के मुताबिक, कानूनी रूप से अमेरिका में स्थायी रूप से रह रहे लोगों और ऐसे विदेशी नागरिक जो अमेरिकी नागरिकों के स्पाउस या बच्चे हैं, उन पर इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अस्थायी लेबर और फूड सप्लाई चेन जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए अमेरिका आने वालों को भी इस प्रतिबंध से छूट रहेगी।गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने जताई नाराजगीराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर अमेरिका की टॉप कंपनियों ने नाराजगी जताई है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि प्रवासियों ने अमेरिका को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने में मदद की और देश को तकनीक के क्षेत्र में अव्वल बनाया। उन्होंने कहा कि प्रवासी कर्मचारियों की वजह से ही गूगल आज इस मुकाम पर है। मैं सरकार की घोषणा से निराश हूं। हम प्रवासियों के साथ खड़े रहेंगे और उन्हें हर तरह के मौके दिलाने के लिए काम करते रहेंगे।Immigration has contributed immensely to America’s economic success, making it a global leader in tech, and also Google the company it is today. Disappointed by today’s proclamation - we’ll continue to stand with immigrants and work to expand opportunity for all. — Sundar Pichai (@sundarpichai) June 22, 2020टेस्ला और माइक्रोसॉफ्ट ने भी किया विरोधटेस्ला के सीईओ एलन मस्क और माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसीडेंट ब्रेड स्मिथ ने भी इस फैसले का विरोध किया है। एलन मस्क ने कहा कि यह देश को विश्व की प्रतिभाओं से अलग करने का समय नहीं हैं। प्रवासियों ने देश के लिए तब अपना योगदान दिया, जब हमें इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता थी। उधर फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की ताजा घोषणा से उच्च प्रशिक्षित प्रतिभाएं अमेरिका से बाहर रह जाएंगी, जिससे आर्थिक रिकवरी में काफी मुश्किल होगी।


Source: Dainik Bhaskar June 23, 2020 03:39 UTC



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