अमेरिका के खिलाफ डेनमार्क की जनता का 'डिजिटल युद्ध'? रातों-रात नंबर-1 बने एंटी-US ऐप, अमेरिकी सामान का चुन-चुनकर बहिष्कार - News Summed Up

अमेरिका के खिलाफ डेनमार्क की जनता का 'डिजिटल युद्ध'? रातों-रात नंबर-1 बने एंटी-US ऐप, अमेरिकी सामान का चुन-चुनकर बहिष्कार


इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि लोग अमेरिका के ही iPhone और ऐप स्टोर का इस्तेमाल अमेरिका के ही प्रोडक्ट्स का विरोध करने के लिए कर रहे हैं। बता दें कि iPhone और ऐप स्टोर भी अमेरिका के ही हैं लेकिन अपना विरोध ऊंचे स्तर तक पहुंचाने के लिए लोगों को यह मंजूर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में जागरुक लोग अपनी खरीदने की ताकत से सरकारों को फैसले बदलने पर भी मजबूर कर सकते हैं।डेनमार्क में पॉपुलर हो रहे एंटी यूएस ऐप्स का सीधा संबंध ग्रीनलैंड से जुड़े विवाद से है। ट्रंप के ग्रीनलैंड पर दावों ने डेनमार्क के लोगों के बीच अमेरिकी प्रोडक्ट्स को लेकर गुस्सा भर दिया है। ऐसे में लोगों ने अमेरिका के हर प्रोडक्ट के बहिष्कार का मन बना लिया है। टेक एक्सपर्ट्स इसे बड़ी घटना के तौर पर देख रहे हैं, जहां ग्राहक कंपनियों का विरोध कर सरकारों को कड़े संदेश दे रहे हैं। बता दें कि डेनमार्क के लोगों ने ऐप्स का इस्तेमाल करके उन प्रोडक्ट्स को पहचानना शुरू कर दिया है, जो उनके अपने देश के हितों के खिलाफ खड़े देशों से आते हैं।ग्रीनलैंड और डेनमार्क में पॉपुलर हो रहे एंटी यूएस ऐप्स का काम प्रोडक्ट्स के बारकोड स्कैन करके बताना है कि वह अमेरिकी प्रोडक्ट हैं या नहीं? इन ऐप्स से जब किसी सामान के बारकोड को स्कैन किया जाता है, तो वह बता देता है कि उसका असली मालिक कौन है। Made O’Meter ऐप एक ग्रोसरी असिस्टेंट के तौर पर काम करता है और सप्लाई चेन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है। इन ऐप्स को खासतौक पर अमेरिकी प्रोडक्ट्स को पहचानने के लिए बनाया गया है, ताकि लोग ऐसे प्रोडक्ट्स का बहिष्कार कर सकें।डेनमार्क के ऐपल ऐप स्टोर पर इन दिनों दो खास ऐप्स 'NonUSA' (UdenUSA) और 'Made O’Meter' धड़ाधड़ डाउनलोड किए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, NonUSA नाम का ऐप डेनमार्क में सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप बन गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि 9 जनवरी को यह ऐप रैंकिंग में 441वें नंबर पर था, जो महज कुछ ही दिनों में नंबर 1 बन गया है। इसी तरह Made O’Meter नाम का ऐप भी चार्ट में चौथे नंबर पर है। इससे पता चलता है कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड के यूजर्स अमेरिकी प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा ले रहे हैं।


Source: Navbharat Times January 22, 2026 08:13 UTC



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