लेकिन इतना तय है कि अमायरा को इंसाफ तब मिलेगा, जब स्कूलों की दीवारों में दिल धड़केगा. ये कहानी पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करने की है और यह कहानी बताती है कि कैसे आधुनिक शिक्षा के नाम पर बड़ी फ़ीस वसूलने वाले संस्थान बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह हो सकते हैं. CBSE की टीम ने भी स्कूल का विज़िट किया पुलिस ने इस मामले में स्कूल के स्टाफ़ और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए. यह केस पूरे शिक्षा तंत्र और अभिभावकों के लिए नजीर है कि बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है. 6 जनवरी को स्कूल को विभाग के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा.
Source: NDTV January 01, 2026 13:03 UTC