बोकारो, जेएनएन। पहले आयकर विभाग, उसके बाद केंद्रीय उत्पाद विभाग और अब केंद्र सरकार की नजर महारत्न कंपनी सेल के ऐसे कर्मचारियों व अधिकारियों पर है जो काम किए बिना वेतन ले रहे हैं। ऐसे पांच हजार लोगों को इस वर्ष जबरन सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। पे-रिवीजन से पहले कंपनी पर बोझ बने लोगों को हटाया जाएगा।सेल मुख्यालय ने ऐसे कर्मियों की सूची बनाने को कहा है। इनमें भ्रष्टाचार के आरोप का सामना कर रहे अधिकारी व कर्मी भी शामिल होंगे।सूत्रों का कहना है कि पे-रिवीजन के लिए यूनियन प्रतिनिधियों के साथ होने वाली आगामी बैठक में इन कर्मचारियों की सूची पर भी उनकी सहमति ली जा सकती है। विदित हो कि पे-रिवीजन पर अंतिम फैसला कैबिनेट कमेटी को लेना है, जो पे-रिवीजन में वहनियता की शर्त को हटाने के बदले में इस मुद्दे पर यूनियन को साथ में लेने का प्रयास करेगी। इसके बाद ही पे-रिवीजन की मंजूरी मिलने की संभावना है। इधर, योजना पर अमल के साथ सेल में नए कर्मियों की भर्ती की जाएगी। इसकी तैयारी भी चल रही है ताकि मैनपावर की कमी नहीं हो।इस आधार पर दिखाया जाएगा बाहर का रास्ता : मंत्रालय ने सेल की चार बड़ी इकाई बोकारो इस्पात संयंत्र, राउरकेला, भिलाई तथा दुर्गापुर इस्पात संयंत्र से एक-एक हजार तो इस्को-बर्नपुर से पांच सौ व अन्य छोटी इकाइयों में 100 से 200 कर्मियों को हटाने का निर्देश सेल मुख्यालय को दिया है। इस सूची में वैसे कामचोर कर्मचारी-अधिकारी ही शामिल होंगे, जिनकी आयु 50 वर्ष से ज्यादा हो गई है तथा जो किसी न किसी भ्रष्ट्राचार के मामले में घिरे हुए हैं। बता दें कि वर्तमान में सेल की छोटी-बड़ी इकाई में कुल 71665 कर्मचारी-अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें अधिशासी की संख्या 11751 तो अनाधिशासी की संख्या 59914 है।पांच बड़ी इकाई में श्रम शक्तिइकाई- अधिशासी- अनाधिशासीदुर्गापुर इस्पात संयंत्र- 1318- 7651इस्को-बर्नपुर इस्पात- 1046- 5196बोकारो इस्पात संयंत्र- 2001 - 10311भिलाई इस्पात- 3082- 17926राउरकेला इस्पात- 1657- 12068Posted By: mritunjay
Source: Dainik Jagran July 18, 2019 10:30 UTC