बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE) को बड़ी राहत देते हुए बिना किसी गारंटी या गिरवी (Collateral-free) के लोन देने की सीमा को दोगुना कर दिया है। अब छोटे उद्यमी 10 लाख के बजाय 20 लाख रुपये तक का ऋण बिना किसी सुरक्षा के प्राप्त कर सकेंगे।शुक्रवार को इस ऐतिहासिक फैसले की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि छोटे उद्यमियों को व्यापार विस्तार के लिए अधिक क्रेडिट (ऋण) की आवश्यकता है। यह नया नियम इस वर्ष अप्रैल से प्रभावी होगा। खास बात यह है कि इन ऋणों के लिए 'क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज' (CGTMSE) उद्यमियों की ओर से गारंटी लेगा।बजट 2026 के लक्ष्यों को मिलेगी गतियह फैसला 1 फरवरी को पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एमएसएमई क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं के अनुरूप है। गौरतलब है कि बजट में एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के अलग फंड की घोषणा की गई थी। भारत के कुल निर्यात में 45 प्रतिशत की बड़ी हिस्सेदारी इसी क्षेत्र की है, जिसे अब इस फैसले से और मजबूती मिलेगी।वैश्विक चुनौतियों के बीच कार्यशील पूंजी को सहारावर्तमान में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के कारण कई क्षेत्रों के निर्यातक दबाव में हैं। आरबीआई के इस कदम से सूक्ष्म और लघु श्रेणी के उद्यमियों को अपनी वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) का प्रबंधन करने में आसानी होगी।हालांकि, स्माल इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों का मानना है कि लघु उद्योगों के लिए यह सीमा कम से कम 50 लाख रुपये होनी चाहिए। साथ ही, उद्यमियों ने यह चिंता भी जताई है कि आरबीआई के निर्देश के बावजूद कई बार बैंक जमीनी स्तर पर बिना गारंटी लोन देने में आनाकानी करते हैं।
Source: Dainik Jagran February 07, 2026 17:30 UTC