हाल में हुए एक सर्वेक्षण में पता चला है कि अधिकांश भारतीय करदाताओं को इस बात की उम्मीद नहीं है कि पांच जुलाई को पेश किए जाने वाले आगामी केंद्रीय बजट में प्रत्यक्ष कर नीति में कोई बड़ा बदलाव हो सकता है. लगभग 27 प्रतिशत का कहना है कि बड़े बदलाव होंगे, जबकि 20 प्रतिशत किसी बदलाव के बारे में सुनिश्चित नहीं हैं. सर्वेक्षण में शामिल अधिकांश कंपनियों को भी कॉरपोरेट कर में कटौती की उम्मीद नहीं है. सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया को इन 5 कमजोरियों पर देना होगा ध्यान...रपट में कहा गया है, "अधिकांश प्रतिक्रियादाताओं को उम्मीद है कि छोटी कंपनियों पर लागू 25 प्रतिशत कॉरपोरेट कर में कटौती की संभावना नहीं है. प्रतिक्रियादाताओं को उम्मीद है कि एलएलपी (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप) के लिए कर दर को भी कंपनियों के लिए लागू कर दर के समान कर दिया जाएगा."
Source: NDTV July 03, 2019 07:41 UTC