2018 में उनकी मेहनत रंग लाई थी। इस बार उन्होंने 2018 में दोबारा एग्जाम दिया और शानदार रैंक-2 हासिल की थी। अब वह SDM के तौर पर काम कर रही हैं, और उन्होंने अपनी लगातार कोशिशों से बड़ी सफलता हासिल की है। (सभी फोटो क्रेडिट-IG/sangeeta_raghav_sdm)संगीता ने अपनी यूपीपीएससी की तैयारी में शुरुआत 5 से 6 घंटे पढ़ाई से की थी। हालांकि, बाद में वह 8 से 10 घंटे पढ़ाई करने लगीं। 2017 में उन्होंने यूपीपीएससी की परीक्षा दी थी लेकिन उन्हें इसमें असफलता मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी और तेज कर दी और आगे बढ़ती रहीं।संगीता सिविल सर्विस में जाना चाहती थीं। SDM बनने की जिद और जुनून की वजह से उन्होंने 1 साल बाद ही पीएचडी छोड़ दी थी। 2018 से UPPCS एग्जाम की तैयारी भी कर रही थीं। उन्होंने साउथ एशियन इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर वर्ल्ड बैंक के एक प्रोजेक्ट पर काम किया था। उन्हें पढ़ाई के लिए स्काॅलरशिप भी मिलीं और इस वजह से वह हायर स्टडीज में काफी मदद मिली।संगीता मूलरूप से हरियाणा के गुरुग्राम के शांति नगर की निवासी हैं। वह एक अच्छे बैकग्राउंड वाले परिवार से आती हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई यही से पूरी की थी। संगीता के पिता इंडियन नेवी से रिटार्ड ऑफिसर हैं और उनकी माता गृहिणी है।