अरुण अशेष, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने की घोषणा के साथ ही पहला प्रश्न यह उठा-अब कौन बनेगा मुख्यमंत्री? इसलिए कि उनकी छवि कट्टर हिन्दू की है। वह बने तो यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह बुलडोजर से काम करेंगे। पूर्व मंत्री और पांचवीं बार विधायक बने नीतीश मिश्रा को भी राज्य का भावी मुख्यमंत्री बताया जा रहा है।महिला मुख्यमंत्री की हो रही चर्चा बधाइयां जाति, लिंग और क्षेत्र के आधार पर भी दी जा रही हैं। महिला सशक्तीकरण की एनडीए की नीति के हवाले से पहली बार विधायक और मंत्री बनीं श्रेयसी सिंह और रमा निषाद की चर्चा हो रही है तो कई बार विधायक रहीं गायत्री देवी को बधाई देने वाले भी कम नहीं हैं।उप मुख्यमंत्री रहीं रेणु देवी पीछे चल रही हैं। उत्तर यह कि वह दूसरी बार उप मुख्यमंत्री नहीं बन पाईं तो मुख्यमंत्री क्या बनेंगी? (नीतीश मिश्रा एवं रमा निषाद।) कयासों में अति पिछड़े हैं आगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अति पिछड़े अति प्रिय हैं। सो, सोशल मीडिया पर इस कोण से भी चर्चा हो रही है कि अति पिछड़ों में सबसे मजबूत दावा किसका हो सकता है? इस श्रेणी में विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. प्रेम कुमार और संजीव कुमार चौरसिया को सबसे अधिक बधाई मिल रही है। प्रेम कुमार नौंवी और चौरसिया तीसरी बार विधायक बने हैं। पहली बार विधान पार्षद और सहकारिता मंत्री डाॅ.
Source: Dainik Jagran March 10, 2026 13:40 UTC