इस झड़प में 9 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई की ईरान में हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों में मौत हो गई है. पाकिस्तान के डॉन अखबार ने कराची के सिविल हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के हवाले से बताया कि US काउंसलेट के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई. पाकिस्‍तान में खामेनेई की मौत पर हिंसक हुई भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का इस्‍तेमाल करना पड़ा. खामेनेई की मौत के बाद कई जगह विरोध प्रदर्शनतेहरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्‍तान समेत कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

March 01, 2026 10:24 UTC

लेखक के बारे में सुनील पाण्डेय सुनील पाण्डेय, नवभारत टाइम्स बिहार-झारखंड के सीनियर जर्निलिस्ट हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों विधाओं का अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और ग्राउंड रिपोर्टिंग में 20 साल का तजुर्बा हैं। प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका माया और लोकायत से इन्होंने करियर की शुरुआत की। ईटीवी न्यूज़, महुआ न्यूज़ और ज़ी बिहार-झारखंड में लंबे समय तक कुशलता से अपनी जिम्मेदारी निभाई। न्यूज 18 बिहार-झारखंड में असिस्टेंट न्यूज एडिटर रहते हुए चैनल को नई दिशा दी। ग्राउंड और रिसर्च स्टोरी की रिपोर्टिंग/एडिटिंग में माहिर माने जाते हैं। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खासी पकड़ रखते हैं। कई अवॉर्ड से सम्मानित सुनील पाण्डेय को डिजिटल माध्यम में दिलचस्पी और सीखने की प्रबल इच्छा इन्हें नवभारत ​टाइम्स तक खींच लाई। मीडिया के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत चाहत रखते हैं। जनवरी 2021 से NBT में कार्यरत हैं। इन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान पटना विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

March 01, 2026 10:17 UTC

US Iran War: PoK में खामेनेई की मौत पर भड़के लोग, UN ऑफिस में लगाई गई आगअमेरिकी और इजरायली हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद दुनिया भर में मुसलमानों का गुस्सा फूट पड़ा है। पाकिस्तान में हिंसक स्थिति हो गई है, जहां अमेरिका से जुड़ी संपत्तियों के साथ ही उसके प्रभाव वाल संस्थाओं को भी भीड़ निशाना बना रही है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के गिलगिट बाल्टिस्टान में संयुक्त राष्ट्र के आफिस समेत कई बिल्डिंगों को निशाना बनाया गया है। गिलगिट बाल्टिस्टान के स्कर्दू में संयुक्त राष्ट्र के ऑफिस, आगा खान रूरल सपोर्ट प्रोग्राम (AKRSP) ऑफिस, आर्मी पब्लिक स्कूल समेत कई इमारतों को प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी है

March 01, 2026 10:03 UTC

Hindi NewsEntertainmentBollywoodRahul Rawail On Saif Ali Khans Bekhudi Removal | Directors Statementडायरेक्टर ने बताया सैफ को 'बेखुदी' से निकालने की वजह: राहुल रवैल बोले- गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण हटाया, गर्लफ्रेंड वाली बात गलत थी1 दिन पहलेकॉपी लिंकसाल 1992 में सैफ अली खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले थे। उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ थी, जिसमें उन्होंने काजोल के साथ काम करने का मौका पाया था। उस समय यह प्रोजेक्ट बॉलीवुत में काफी चर्चित था और सैफ के करियर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा था।हालांकि, बाद में वह ‘बेखुदी’ का हिस्सा नहीं बने और उन्होंने अभिनेता के रूप में फिल्म ‘परंपरा’ (1993) से शुरुआत की। जिसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था।फिल्म 'परंपरा' में विनोद खन्ना और आमिर खान के साथ सैफ नजर आए थे।सैफ खुद पहले कई इंटरव्यू में यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें बेखुदी से इसलिए हटाया गया था क्योंकि डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि उन्हें अपनी प्रेमिका से ब्रेक-अप कर देना चाहिए, वरना फिल्म छोड़नी पड़ेगी। इस शर्त के कारण उन्होंने शूटिंग छोड़ दी थी, ऐसा सैफ का मानना रहा है। यह बात सैफ ने साल 2020 में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया थालेकिन अब 34 साल बाद ‘बेखुदी’ के डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बारे में अपनी सच्ची बात बताई है। स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सैफ को फिल्म से इसलिए नहीं हटाया गया था कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने से इनकार किया। यह जो भी तब सुना और बताया गया, वह गलत है।राहुल रवैल ने फिल्म ‘बेताब’ में सनी देओल और अमृता सिंह को लॉन्च किया था।राहुल के मुताबिक, असल वजह सैफ के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार थी। वह समय पर शूटिंग पर नहीं आते थे, और तरह-तरह की लापरवाही करते थे। इस वजह से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, और शूट में विलंब होने लगा। निर्देशक ने बताया कि वह इतने सालों से इस बात को स्पष्ट करना चाहते थे, और अब उन्होंने अपने पक्ष को सामने रखा है।उन्होंने कहा कि उस समय सैफ की व्यवहार शैली ऐसी थी कि सेट पर समय पर न पहुंचना और काम के प्रति गंभीर नहीं दिखना आम बात थी। रवैल ने बताया कि इस लापरवाही और अनियमितता के कारण वह सैफ को फिल्म से अलग करना बेहतर समझे।राहुल रवैल ने यह भी कहा कि आज के मुकाबले उस समय फिल्मों में काम करने का तरीका बहुत अलग था, और एक कलाकार के लिए पेशेवर रवैया रखना बेहद आवश्यक था। एक निर्देशित काम में समय का पालन, सेट पर उपलब्धता और गंभीरता का प्रदर्शन बहुत मायने रखता है, और सैफ के व्यवहार से यह गुणवत्ता नहीं दिखी थी।सैफ की जगह ‘बेखुदी’ में कमल सदाना को काजोल के साथ कास्ट किया गया था।राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि आज सैफ अली खान का करियर बहुत सफल रहा है और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में काफी सकारात्मक बदलाव किए हैं। रवैल ने कहा कि आज सैफ अपने कामकाम के प्रति गंभीर हैं, यह उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों से यह साफ झलकता है।राहुल रवैल की आखिरी रिलीज फिल्म ‘बुड्ढा मर गया’ 2007 में रिलीज हुई थी।राहुल रवैल ने ‘बेखुदी’ के अलावा अपने फिल्मी करियर के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से फिल्मों का निर्देशन नहीं कर रहे हैं, और उन्हें लगता है कि फिलहाल कोई उन्हें नई फिल्म देने को तैयार नहीं है। कुछ लोग उनकी सेहत या क्षमता को लेकर गलतफहमियां रखते हैं, जिससे उन्हें अवसर नहीं मिल रहे हैं।वे सीधे तौर पर यह जताते हैं कि वह अब भी फिल्में डायरेक्ट करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्ताव नहीं आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह धारणा कि वह सक्रिय नहीं हैं, बिल्कुल गलत है।.

March 01, 2026 09:46 UTC

Iran declared today that Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei has died, setting in motion a fast-moving and opaque contest to choose the Islamic Republic's next top authority. The 88-member Assembly of Experts, the clerical body charged by the constitution with naming a new supreme leader, now faces a decision with immediate geopolitical and economic consequences. The assembly has the formal power to appoint a single cleric or a leadership council if no individual candidate secures consensus. The Expediency Council and key clerical networks around Tehran will also press their preferences. Oil and gas exports remain the backbone of Iran's external earnings and account for roughly 40 percent of government revenues.

March 01, 2026 09:24 UTC





लेखक के बारे में अक्षय श्रीवास्तव अक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। उन्हें 12 साल से ज्यादा की पत्रकारिता का अनुभव है। मार्च 2025 से वह NBT डिजिटल के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। एनबीटी न्यूज टीम में वह देश की खबरों पर नजर रखते हैं। वह राजनीति, अपराध, भारत की विदेश नीति और दिल्ली-एनसीआर से संबंधित मुद्दों को कवर करते हैं। वह ग्राउंड रिपोर्ट और एक्सक्लूसिव स्टोरीज की विशेषज्ञता रखते हैं। एनबीटी में स्पेशल न्यूज पैकेज 'मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ' की भी जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उन्होंने तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024)को कवर किया है । 2023 में दिल्ली की सड़कों पर कान का मैल निकालने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कनमैलियों की धोखेबाजी को वो उजागर कर चुके हैं। भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विषय पर बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

March 01, 2026 09:02 UTC

Air India cancelled 22 flights in addition to the 28 overseas flights cancelled on Saturday, since Israel-US air strikes over Iran grounded global air travel operations to a halt. In addition to the 50 cancellations, Indian airlines’ are expected to cancel at least 444 international flights by the end of the weekend, according to the civil aviation ministry. The busiest international airport on earth,” wrote author and entrepreneur Shanaka Anslem Perera on X. Zayed International Airport in Abu Dhabi said that one person was killed and seven others injured in a drone strike. Kuwait International Airport also reported strikes.

March 01, 2026 08:56 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

March 01, 2026 08:50 UTC

Iranian Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei has been killed in a major attack by Israel and the US, raising questions about the future of the Islamic Republic, as well as the larger region. According to Iranian law, a clerical panel called the Assembly of Experts “must, as soon as possible” pick a new supreme leader. The Supreme Leader must be a senior Shia cleric and scholar. But a father-to-son transfer in the case of a supreme leader could spark anger. The Supreme Leader himself had told his followers that he did not want the post to be hereditary.

March 01, 2026 08:46 UTC

मुंबई, 1 मार्च (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा समय के साथ कई बदलावों से गुजरा है। कहानियों का अंदाज बदला है, तकनीक बदली है, और दर्शकों की पसंद भी बदली है। लेकिन इन सबके बीच बच्चों के लिए फोकस फिल्मों की कमी साफ देखी जा सकती है।एक समय था जब परिवार के साथ बैठकर देखी जाने वाली सादी फिल्में बनती थीं। आज बड़े बजट, एक्शन, और तेज रफ्तार कहानियों के दौर में बच्चों के लिए खास तौर पर फिल्में कम बन रही हैं। इसी मुद्दे पर आईएएनएस से बातचीत में फिल्म निर्देशक रवि उदयवार ने अपनी राय खुलकर रखी है।रवि उदयावर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हिंदी सिनेमा में बच्चों की फिल्मों की कमी साफ नजर आती है। हमने बच्चों के लिए फिल्में बनाना लगभग बंद कर दिया है। मेरा मानना है कि बच्चों के लिए ऐसी कहानियां जरूरी हैं जो उनकी दुनिया को समझें, उनकी मासूमियत को बचाए रखें, और ईमानदारी से उनकी भावनाओं को दिखाएं।"रवि ने कहा, ''आज की फिल्मों में मासूमियत कम होती जा रही है। मैं अपनी फिल्मों के दौरान भी कलाकारों से बार-बार कहता हूं कि रोमांस में सादगी और मासूमियत वापस लाने की कोशिश करें। पहले की प्रेम कहानियों में एक सहजता होती थी, जो दिल को सीधे छूती थी। अब सब कुछ बहुत ज्यादा दिखावटी हो गया है। भावनाओं को गहराई से महसूस करने की जगह उन्हें बाहरी अंदाज में पेश किया जा रहा है। मुझे पुराना दौर याद आता है जब छोटी-छोटी बातों में भी सच्चाई नजर आती थी।''उन्होंने आगे कहा, ''जब बच्चों और किशोर दर्शकों को उनके मन की फिल्में नहीं मिलतीं, तो वे दूसरी जगहों की ओर रुख करते हैं। आजकल कई युवा दर्शक के-ड्रामा और विदेशी कंटेंट देख रहे हैं, क्योंकि वहां उन्हें सरल और सच्ची कहानियां मिल रही हैं। वे ऐसी कहानी चाहते हैं जिसमें दो लोग साधारण तरीके से प्यार में पड़ें और रिश्ते को समय दें। दर्शक भारी-भरकम और उलझी हुई कहानी से ज्यादा सरल भावनाएं देखना चाहते हैं।''रवि उदयावर ने कहा, ''दर्शकों की मांग है कि उन्हें जरूरत से ज्यादा ड्रामा न दिया जाए। वे बस दो लोगों के बीच पनपते रिश्ते को महसूस करना चाहते हैं। मेरी फिल्म में यही कोशिश होती है कि कहानी को थोड़ा धीमा रखा जाए, ताकि दर्शक किरदारों के साथ जुड़ सकें और उनकी भावनाओं को समझ सकें। कभी-कभी सिनेमा को रफ्तार कम करके भी कहानी दिखानी चाहिए, ताकि मासूमियत और सच्चाई वापस आ सके।''अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

March 01, 2026 08:42 UTC

लेखक के बारे में अशोक उपाध्याय अशोक उपाध्याय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव। साल 2014 में नवभारत टाइम्स हिंदी अखबार से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की थी। पॉलिटिक्स, खेल, क्राइम बीट पर रिपोर्टिंग में महारत। अमर उजाला देहरादून में भी सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। साथ ही कई चुनावों में ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। पिछले पांच साल से NBT डिजिटल में न्यूज डेस्क पर काम कर रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स को पकड़ने और एआई टूल्स के इस्तेमाल की अच्छी समझ है। JIMMC नोएडा से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

March 01, 2026 08:40 UTC

After bombarding Iran & eliminating Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei, President Trump has now warned Iran against any retaliatory attack. Taking to Truth Social, Trump wrote that if Iran launched any attacks, then US will hit them with “a force that has never been seen before”. Trump’s warning comes later after US and Israel’s precision strike unleashed Mayhem in Iran causing widespread destruction. Following the assaults, Iran has also launched a full blown offensive attacking Israel & multiple US bases. Earlier today Trump had described Iran's Supreme Leader Ali Khamenei as "one of the most evil people in History," and said the development marked "justice"Show moreShow less

March 01, 2026 08:30 UTC

Iran's Armed Forces Chief of Staff Abdolrahim Mousavi was also killed in strikes, broadcaster Iran TV said. Larijani had also made several trips to key ally Moscow in recent months to discuss a range of security ties, in a further sign of his return to high-level diplomacy. But in the wake of January's outpouring of anti-government anger, his security council role was denounced by Washington. 'A PEARL FOR A CANDY BAR'Like other Iranian officials, Larijani expressed understanding for demonstrations staged in protest at economic hardship. ENGAGING WITH PUTINLarijani has cautioned that Iran's nuclear program "can never be destroyed".

March 01, 2026 08:30 UTC

Assamese feature film Moi Eti Nixhasor has won the ‘Award of Excellence Special Mention’ at the Accolade Global Film Competition, director Bidyut Kotoky said on Sunday. ADVERTISEMENTKotoky said the ‘Award of Excellence Special Mention’ is a significant achievement within the US-based competition, which Movie Maker Magazine has named among the top 25 festivals worth the entry fee. This award belongs to the entire creative team that brought Koduwa's world to life,” the National Award-winning filmmaker told PTI. The recognition reinforces the belief that human emotions speak the same language, without showing any respect towards the man-made boundaries, he added. The Mumbai-based filmmaker further said that Moi Eti Nixhasor has also been selected for the Covellite International Film Festival 2026 in the United States.

March 01, 2026 08:30 UTC

Iran's Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei was killed in the US-Israel joint strikes on Saturday. A council is formed to take over leadership powers until a new Supreme Leader is appointed. Ali Larijani, Secretary of the National Security Council, said the formation of the Interim Leadership Council will take place on Sunday. Also Read | Iranian Supreme Leader Ali Khamenei is running out of roadHere are the key figures often mentioned as possible successors of Khamenei, as per the Sunday Guardian:1. Ayatollah Alireza Arafi: Senior cleric with leadership roles in both the Assembly of Experts and the Guardian Council.

March 01, 2026 08:26 UTC