Study reveals India among six nations producing 61% of global cropland greenhouse gas emissions Regions producing a lot of food are often high emitters, with cultivation of rice alone contributing 43 per cent of cropland emissions, the study foundPTIIndia is among six countries that together account for 61 per cent of the world's greenhouse gas emissions from croplands, a new study has estimated. Regions producing a lot of food are often high emitters, with cultivation of rice alone contributing 43 per cent of cropland emissions, the study found. Four crops -- rice, maize, oil palm and wheat -- accounted for nearly three-quarters of cropland emissions, it said. "The six highest-emitting countries, China, Indonesia, India, USA, Thailand and Brazil, collectively accounted for 61 per cent of global cropland emissions," the authors wrote. Farmlands make up 12 per cent of land use globally and account for 25 per cent of greenhouse gas emissions within the agricultural sector, the researchers said.

February 16, 2026 14:05 UTC

In a press release issued on Saturday, the idol wing CID of Tamil Nadu stated that the idols are being repatriated to TN through Mutual Legal Assistance Treaty (MLAT). Among the idols are a metal idol of a trident with Kali (Bhadrakali), measuring 46 cm in height, 111 cm width. The second one is the stone idol of Nandhi (sacred bull) measuring 80.5 cm in height and 110 cm in length. The idol belongs to the Kailasanathar temple in Kaduvankudi village of Tiruvarur district. The idol belongs to Viswanathasamy temple of Alathur of Mannargudi in Tiruvarur district.

February 16, 2026 14:03 UTC

Users have reported problems with accessing feeds and loading posts on the X website and app. X has not issued an official statement on the disruption as yet. Elon Musk-owned social media platform X, formerly known as Twitter, suffered another major outage on Monday (February 16), with thousands of users saying they were unable to access the platform. The outage has hit users around the world, with reports of disruptions coming in from India, the United States, the United Kingdom, and other countries. Many users have reported problems with accessing feeds and loading posts on the X website and mobile app.

February 16, 2026 14:02 UTC

Prime Minister Narendra Modi will travel to Israel on a two-day visit from February 25, sources said on Monday (February 16, 2026). Narendra Modi,” Mr. Netanyahu told the gathering. “Tremendous alliance between Israel and India, and we are going to discuss all sorts of cooperation. While the programme around the visit is being worked out, Mr. Modi is expected to address the Israeli Knesset (parliament). Mr. Modi is likely to touch upon all issues of bilateral and regional interest during his two-day visit.

February 16, 2026 13:58 UTC

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। मुख्य रेलवे स्टेशन में जैसे ही अपराधी ने प्रवेश किया अचानक से आरपीएफ में बने कंट्रोल रूम का सायरन बज उठा। सायरन के बजते ही अमला अलर्ट मोड पर आ गया और आनन-फानन में प्लेटफाॅर्म पर पहुंचा जिसके बार घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। यह सब संभव हुआ है स्टेशन में लगे एफआरसी (फेस रिकग्निशन कैमरे) से।प्लेटफाॅर्म के साथ ही फुटओवर ब्रिज पर ऐसे 8 कैमरे लगाये गये हैं जो अपराधियों का चेहरा पहचान कर अलर्ट का मैसेज भेजेंगे। स्टेशन में कैमरे लगाने के साथ ही ढाई सौ अपराधियों का फोटो सहित पूरा काला चिट्ठा भी दर्ज किया गया है।आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि नीतेश विश्वकर्मा उर्फ नित्तू निवासी भानतलैया जो कि आदतन अपराधी है और उसके ऊपर जीआरपी, आरपीएफ जबलपुर व कटनी में 12 मामले जबकि बेलबाग, हनुमानताल थाना में 10 से ज्यादा अपराध दर्ज हैं।अपराधी जैसे ही स्टेशन पहुंचा और एक यात्री का मोबाइल चुराने की कोशिश कर रहा था स्टेशन पर लगे एफआरएस सीसीटीवी कैमरों ने कंट्रोल रूम में अलर्ट दिया। इसके बाद एसआई आरके चंदेल और सूर्यनाथ यादव ने टीम के साथ पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंपा गया है।कैसे करता है काममुख्य रेलवे स्टेशन के साथ ही सभी जगह अभी कैमरे तो लगे हैं जिससे निगरानी की जा रही है। अब लेकिन रेलवे स्टेशनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 4 केयूएचडी कैमरे लगाये गये हैं। इनकी खासियत यह होती है कि फेस से अपराधियों को पकड़ लेंगे।अपराधी की फोटो साॅफ्टवेयर में अपलोड होते ही जैसे ही स्टेशन में अपराधी पहुंचेगा कैमरा अपने साॅफ्टवेयर में लिंक होते ही सभी 4के यूएचडी कैमरे में तस्वीर पहुंच जाएंगी। जब उस फोटो से मैच करता कोई व्यक्ति कैमरे के सामने से गुजरेगा, तो कैमरा साॅफ्टवेयर की मदद से अपने आप कंट्रोल रूम को जानकारी देगा।अभी यहां लगाये गये हैं कैमरेमुख्य स्टेशन में प्लेटफाॅर्म नंबर 6 के एंट्री गेट पर 3 फेस रिकग्निशन कैमरे, एक नंबर प्लेटफाॅर्म के एंट्री गेट पर 2 और 2 फुटओवर ब्रिज में और 1 कैमरा एस्केलेटर के पास लगाया गया है। कैमरों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम आरपीएफ थाना में बनाया गया है। कैमरे के लिए आरपीएफ थाना, जीआरपी, वन विभाग और जबलपुर, कटनी जिलों के थानों में दर्ज ढाई सौ अपराधियों का रिकाॅर्ड दर्ज है।

February 16, 2026 13:54 UTC





उत्तरप्रदेश के शहर फैजाबाद का रहने वाला मैं मोहम्मद शरीफ। बीते 25 सालों में मैंने 23 हजार से ज्यादा लावारिस और कटी-फटी लाशों का अंतिम संस्कार किया है।. लावारिस लाश का अंतिम संस्कार करते मोहम्मद शरीफ।मुझे आज भी याद है वो दिन जब बड़ा बेटा रईस काम पर जाने के लिए घर से निकला था। उसकी अम्मी जिद करने लगी कि बिना खाना खाए घर से नहीं जाएगा।अम्मी का मन रखने के लिए उसके ही हाथ से दो निवाले खाकर निकला था। तब हमें क्या पता था कि आखिरी बार उसको देख रहे हैं। हम तो इतने बदनसीब थे कि अपने बच्चे की लाश भी नहीं देख पाए।रईस होमियोपैथी दवाओं का एमआर था। उसे पढ़ने का बहुत शौक था। सात बच्चों में सबसे बड़ा वही था। उसकी कमाई से ही घर चलता था। मैं तो साइकिल मैकेनिक था। घर की सारी जिम्मेदारी वही उठाता था।उस रोज जब शाम तक वो नहीं लौटा तो हमने उसकी दुकान पर पता किया। दुकान खुली थी, लेकिन रईस वहां पहुंचा ही नहीं था। वहां काम करने वाले लड़के को भी कुछ नहीं पता था। हम वापस घर आ गए। सारी रात इंतजार करते रहे।सुबह हम उस साइकिल स्टैंड पर गए ,जहां रईस अपनी साइकिल खड़ी करता था। साइकिल स्टैंड वाले ने बताया कि मेरे पास कल सुबह साइकिल खड़ी करके गए थे। जाते हुए कह गया था कि सुल्तानपुर जा रहा हूं, शाम तक आऊंगा।हमने सुल्तानपुर में भी पता करवाया लेकिन कुछ पता नहीं चला। कई दिन बीत गए, रईस का कुछ पता नहीं चला। हम उसकी तस्वीर लेकर मारे-मारे घूम रहे थे। घर में न खाना बनता था, न ही कोई खाता था। हमने बड़े शहरों में भी उसे तलाशा।जब कोई सुराग नहीं मिला तो थककर घर बैठ गए। रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पैसे मांगकर घर का खर्च चला रहे थे।लगभग डेढ़ महीने के बाद लोकल थाने से दो पुलिस वाले आए। उनके हाथ में एक थैला था। मुझे देखते ही उन्होंने थैले से एक मुड़ी हुई कमीज निकाल कर दी। वह कमीज मेरे बेटे की थी, मेरे रईस की।पुलिस वालों ने बताया कि महीने भर पहले सुल्तानपुर में आपके बेटे की हत्या हुई है। उसकी लाश कई दिन तक सड़क किनारे पड़ी थी। कुत्ते उसकी लाश को नोंच-नोंचकर खा गए थे।हमने इसका पता ढूंढने की बहुत कोशिश की। कई दिनों तक इसके बारे में कुछ पता नहीं चला तो उसकी लाश नदी में फेंक दी। पुलिस उसकी शर्ट पर लगे टेलर के टैग के जरिए डेढ़ महीने बाद हम लोगों तक पहुंच पाई थी।पुलिस वाले एक महीने से ये शर्ट लिए आसपास के इलाकों के दर्जियों के पास भटक रहे थे। आखिर वो लोग शेख टेलर के पास पहुंचे, जिसने रईस की शर्ट सिली थी। उसी ने शर्ट पहचान कर पुलिस को हमारे घर भेजा।ये सुनते ही हम लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रईस की अम्मी रो-रोकर बेहोश हो जाती थी। कई दिनों तक घर में चूल्हा नहीं जला।घर में किसी को कुछ होश नहीं था। घर के खर्च से लेकर छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई तक सबकुछ रईस देखता था। हमें सारी उम्मीदें उसी से थीं। एक झटके में हमारा सब उजड़ गया।मैं तो 15 दिन तक घर में रह ही नहीं पाया। जैसे ही घर आता उसकी याद आने लगती। ये सोच-सोचकर परेशान हो जाता कि मेरे बेटे की लाश इस तरह फेंक दी गई। लगभग पांच-छह महीने के बाद मैंने फैसला किया कि जैसा मेरे बेटे की लाश के साथ हुआ, वो किसी के साथ नहीं होगा।अब फैजाबाद में किसी की लाश फेंकी नहीं जाएगी। मैं उनके धर्म को अनुसार अंतिम संस्कार करुंगा। इसके लिए मैं एसडीएम साहब से मिला। उन्हें लिखित में दिया कि लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार अब मैं करुंगा।उसके बाद मुझे पुलिस स्टेशन से फोन आने लगे। जिस लाश का 72 घंटे तक कोई दावेदार नहीं होता है उन लाशों को मुझे सौंप दिया जाता है।पोस्टमार्टम के बाद लावारिस लाश ले जाते मोहम्मद शरीफ।ये लाशें या तो सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों की होती या फिर जिन्हें मारकर फेंक दिया जाता उनकी। हिंदू लाशों का दाह संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया जाता है और मुस्लिम लाशों का इस्लाम के अनुसार। हिंदूओं के तमाम रीति-रिवाज मैं पास खड़े होकर अपनी निगरानी में करवाता हूं।आजकल एक लाश के दाह संस्कार का खर्च लगभग दस हजार रुपये लग जाते हैं। पहले ज्यादा खर्च नहीं आता था तो खुद ही कर लेता था या फिर लोगों से चंदा मांगता था।मैंने अपनी सारी पूंजी लाशों के अंतिम संस्कार पर लगा दी। जब लोग मेरे बारे में जानने लगे, सबकुछ मीडिया में आ गया तो मुकेश अंबानी जैसे-जैसे बड़े-बड़े लोगों ने मेरा काम को सराहा। फिर धीरे-धीरे अयोध्या और फैजाबाद के बड़े बिजनेसमैन ने आगे बढ़कर मेरा साथ देना शुरू किया।हिंदू लाशों के दाह संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम फैजाबाद के बड़े बिजनेसमैन और होटल के मालिक शरद करते हैं। ऐसे ही मुस्लिम कब्रों को खोदने के लिए भी बड़े लोग सामने आए। अब इस काम के लिए पैसे की दिक्कत नहीं होती।लावारिस लाश ले जाते मोहम्मद शरीफ।जब मैंने इस काम की शुरुआत की तो लोग मुझपर हंसते थे, चिढ़ाते थे। कहते थे कि पागल है, सड़ी-गली लाशें उठाता है। सबने मुझे दावतों और रिश्तेदारी में बुलाना बंद कर दिया गया।मुझे अपने साथ बैठने नहीं देते थे। फिर भी मैंने ये सब छोड़ा नहीं। घंटो पोस्ट मार्टम कमरे के सामने बैठकर इंतजार करता था। ये काम करके मुझे बहुत सुकून मिलता है। हर बार लावारिस लाश का अंतिम संस्कार कर के मुझे मेरा बेटा याद आ जाता है।मैं आज भी किराए के मकान में रहता हूं। लगभग 92 साल उम्र है और सेहत लगातार खराब चल रही है। रईस के जाने के बाद एक सड़क दुर्घटना में छोटे बेटे की भी मौत हो गई थी।अब सिर्फ एक बेटा बचा है उसे भी पिछले साल मुंह का कैंसर हो गया था। वह स्कूल के बच्चों की वैन चलाता है। पूरे घर परिवार की जिम्मेदारी अब उसपर है। घर का इकलौता कमाने वाला भी खुद ही बीमार है।साल 2020 में मुझे मेरे इन कामों के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। हाल ही में मेरे स्पाइन का ऑपरेशन उत्तर प्रदेश सरकार ने करवाया है।मुझे खुशी है कि मैंने खुद से जो वादा किया था उसे निभाया। मुश्किलें आईं लेकिन रुका नहीं। कसम खाई थी कि अब लावारिस लाशें फेंकी नहीं जाएगी और मैंने उसे कायम रखा।जब बाद में लोगों को पता चलता कि उनके

February 16, 2026 13:54 UTC

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिले में रेत और मुरुम के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सख्त निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के चलते पिछले सप्ताह तीन दिन माइनिंग, राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम ने शहपुरा, पाटन और कुंडम क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान जहां शहपुरा क्षेत्र में दो दिन में 35 लाख रुपए की रेत नदी में वापस मिलाई गई।वहीं कुंडम और पाटन क्षेत्र में भी इस तरह की कार्रवाई की गई। आश्चर्य की बात तो यह है कि इतने बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन होने के बाद भी अमला मात्र तीन दिन कार्रवाई कर बैकफुट में आ गया, अब न तो रेत के उत्खनन की जांच हो रही है और न ही परिवहन के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। नतीजतन रेत माफिया बेखौफ होेकर रेत निकाल रहा है।ठेका चालू नहीं, मनमाने दामों पर विक्रयजानकारों का कहना है कि शासकीय तौर नर्मदा सहित आसपास के सभी घाटों पर रेत निकासी का ठेका बंद है। इसके बाद भी शहर में रेत का परिवहन जारी है। इससे यह तो स्पष्ट है कि बड़े पैमाने पर रेत की निकासी हो रही है जो पूरी तरह से अवैध है। परमिट वाली रेत न मिलने के कारण रेत माफिया द्वारा मनमाने रेट पर रेत का विक्रय किया जा रहा है, यानी रेत के दाम तय नहीं हैं जो चाहे अपनी मर्जी से रेट तय कर रहा है। इससे आम आदमी लुट रहा है।नर्मदा और हिरन नदी से निकाल रहे रेतसूत्र बताते हैं कि इन दिनाें शासकीय अमले की शांति का लाभ उठाकर रेत माफिया नर्मदा के घाटों सहित हिरन और मालकछार क्षेत्र से बड़ी मात्रा में रेत निकाल रहा है। गौरीघाट से लेकर ललपुर, चरगवां क्षेत्र में जहां सुबह से लेकर देर शाम तक नदी के बीच से किश्ती के सहारे रेत निकाली जा रही है, तो वही हिरन नदी में बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर बीच से रेत निकालने का क्रम जारी है।स्टॉक पर नजर तो सीधे अन्य परिवहनजानकार बताते हैं कि पिछले सप्ताह हुई कार्रवाई के बाद अब रेत माफिया पहले से काफी ज्यादा सतर्क हो गया है और उसके द्वारा नदी से रेत निकाल कर घाटों के आसपास स्टॉक नहीं किया जा रहा है, बल्कि दूर-दराज खेतों के बीच रेत का स्टॉक किया जा रहा है ताकि यहां आसानी से टीम की नजर न पड़े। इसके बाद एक-दो दिन में उसे कहीं अन्यत्र शिफ्ट कर दिया जाता है।

February 16, 2026 13:46 UTC

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। परियट नदी जबलपुर की बड़ी आबादी के लिए जीवनदायिनी है। यह चंबल के बाद ऐसी नदी है, जो मगरमच्छों का प्राकृतिक रहवास है। परियट नदी के कई हिस्सों में अवैध उत्खनन हो रहा है। इससे नदी में पानी की कमी हो रही है, साथ ही मगरमच्छों के प्राकृतिक रहवास पर भी संकट गहराने लगा है। प्रदूषण और अवैध कार्यों की वजह से इस नदी के अस्तित्व पर संकट आ चुका है। कुंडम से निकलने वाली यह नदी छोटी जरूर है, लेकिन करीब 20 गांव के लोगों का जीवन इस नदी पर निर्भर रहता है।इंसानों के साथ मगरमच्छों का जीवन भी संकट मेंसाल दर साल यहां का घटता जलस्तर इंसानों के साथ मगरमच्छों और इससे लगे जंगलों के वन्य प्राणियों को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। नदी के संरक्षण को लेकर कई बार प्लानिंग बनी लेकिन हर बार मामला फाइलों तक ही सीमित रहा।इमलिया के पास परियट नदी के हाल बेहालहैरान करने वाली बात यह है कि एलपीआर से वर्धाघाट तक जिस हिस्से में आमजन का दखल है, वहां साल भर भरपूर पानी मौजूद रहता है। इसी तरह अगर पूरे नदी क्षेत्र में प्रयास किया जाए तो इसे बचाया जा सकता है।पंप लगाकर हो रही सिंचाईग्रामीणों के अनुसार परियट नदी से लगे गांवों के खेतों में सिंचाई के लिए सैकड़ों मोटर पंप लगाए गए हैं, जिनसे हर दिन 100 से 200 एकड़ के खेतों में अवैध रूप से सिंचाई होती है। इसके अलावा नदी के किनारे ईंट-भट्टों में उपयोग होने वाली भसुआ मिट्टी का अवैध खनन भी बेखौफ तरीके से जारी है। ग्रामीणों की तरफ से होने वाली एक भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती।गांवों में पहुंच रहे मगरमच्छपरियट नदी मगरमच्छों का प्राकृतिक रहवास है। यहां 150 से ज्यादा छोटे-बड़े मगरमच्छ मौजूद हैं। गर्मी की शुरुआत मगरमच्छों का प्रजनन काल कहलाता है। इसलिए मादा मगरमच्छ अंडे देने के लिए नदी के किनारे सुरक्षित स्थानों में अपना ठिकाना बना लेती थी, लेकिन मोटर पंपों की आवाज और खुदाई के लिए लगने वाली जेसीबी मशीनों और भारी वाहनों की आवाजाही से बचने के लिए ये नदी से लगे गांवों में अंडे देने के लिए मूवमेंट करती हैं।

February 16, 2026 13:46 UTC

Ramadan suhoor, iftar times, fasting hours2UAE, India, Pakistan, Bangladesh, Saudi Arabia will have different suhoor, iftar time at the first day. New Delhi, India: Suhoor: 5:37 AM, Iftar: 6:15 PM, Fasting hours: 12h38m Islamabad, Pakistan: Suhoor: 5:26 AM; Iftar: 5:55 PM; Fasting hours: 12h29m Dubai, UAE: Suhoor: 5:32 AM, Iftar: 6:15 PM, Fasting hours: 12h43m Dhaka, Bangladesh: Suhoor: 5:13 AM, 5:56 PM 12h43m 4:47 AM 6:10 PM 13h23m Riyadh, Saudi Arabia: Suhoor :5:06 am; iftar time: 5:50 PM; fasting hours: 12h44m

February 16, 2026 13:43 UTC

14 घंटे पहले लेखक: अभिषेक गर्ग/श्रेया नाकाड़ेफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा सिर्फ कूटनीतिक इवेंट नहीं है। इसके साथ जुड़ी है 3.60 लाख करोड़ की 114 राफेल फाइटर जेट की संभावित डील, जो भारतीय वायुसेना के लिए ऑक्सीजन साबित हो सकती है।. चीन-पाकिस्तान से दो मोर्चों पर निपटने के लिए भारतीय वायुसेना में 42.5 स्क्वाड्रन मंजूर किए गए हैं। इस वक्त भारत के पास करीब 29 स्क्वाड्रन ऑपरेशनल हैं। यानी जरूरत से 13 कम। इसमें भी अगले 10 साल में जगुआर, मिग-29 और मिराज-2000 जैसी कई मौजूदा फ्लीट रिटायर हो जाएंगी।इसलिए सवाल कई हैं- 114 नए राफेल की डील कितनी क्रूशियल है, 42.5 स्क्वाड्रन पूरे होने में कितना वक्त लगेगा और जब चीन छठवीं पीढ़ी के जेट्स पर आगे बढ़ चुका है और पाकिस्तान को भी 5वीं पीढ़ी के जेट्स मिलने वाले हैं, तो भारत की क्या स्ट्रैटजी है। मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी...*****ग्राफिक्स: द्रगचन्द्र भुर्जी और अजीत सिंह-------------------------ये खबर भी पढ़िए239 पैसेंजर्स के साथ अचानक कैसे गायब हुआ MH370 विमान:12 साल बाद सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू; कौन-से राज खुलेंगे12 साल पहले 239 पैसेंजर्स के साथ गायब हुए MH370 विमान की गुत्थी सुलझ सकती है। 31 दिसंबर 2025 से दुनिया का सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू हुआ है। मलेशिया की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मुताबिक नए तरीके से प्लेन की लोकेशन का अंदाजा लगाया गया है। पूरी खबर पढ़िए…

February 16, 2026 13:37 UTC

लेखक के बारे में अमित शुक्‍ला अमित शुक्‍ला, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 18 साल से भी ज्‍यादा समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्‍होंने बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार, शेयर मार्केट, राजनीति, देश-विदेश, प्रॉपर्टी, करियर जैसे तमाम विषयों को कवर किया है। पत्रकारिता और जनसंचार में PhD करने वाले अमित शुक्ला 7 साल से भी ज्‍यादा समय से टाइम्‍स इंटरनेट लिमिटेड के साथ जुड़े हैं। टाइम्‍स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्‍स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्‍स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। उन्‍होंने टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्‍थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया है। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्‍ट के तौर पर भी पहचान बनाई है। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया।... और पढ़ें

February 16, 2026 13:34 UTC

The visit was first made public by Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu while addressing the Conference of Presidents of Major American Jewish Organisations on Sunday. In July 2017, he became the first Indian prime minister to travel to the country. Officials say the Prime Minister is likely to discuss issues of bilateral and regional interest during the two-day stay. Later, a Terms of Reference for the FTA was signed during Commerce and Industry Minister Piyush Goyal’s visit to Israel in November. In November, India and Israel signed an agreement to deepen defence, industrial and technological cooperation, enabling the sharing of advanced technology for co-development and co-production.

February 16, 2026 13:33 UTC

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिले के कुंडम वन खंड अंतर्गत आने वाले ग्राम ददरगवां में जुलाई माह के दौरान 30 हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक एक भी पौधा नहीं लग पाया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाना था, परंतु स्थानीय ग्रामीणों के तीव्र विरोध के कारण यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।पौधारोपण की तैयारी के लिए वन विभाग द्वारा हजारों गड्ढे खोदे गए थे। इन गड्डों को तैयार करने में विभाग के लाखों रुपए व्यय हो चुके हैं, जो अब योजना रुकने से व्यर्थ होते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का विरोध मुख्य रूप से भूमि विवाद या चारागाह की कमी को लेकर बताया जा रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग की इस गतिविधि से उनके पारंपरिक अधिकारों या आवागमन में बाधा आ रही है। निस्तार की भूमि पर पौधारोपण का विरोध हो रहा है।व्यर्थ हो गए लाखों रुपएजानकारों का कहना है कि करीब 50 लाख रुपए की इस योजना में जमीन की सफाई एवं गड्ढे कराए जाने पर अधिकांश राशि व्यय हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि योजना बनाने वालों ने पहले इन तमाम बातों का ध्यान क्यों नहीं रखा। वहीं ग्रामीणों को भी इस बात को समझना होगा कि 90 हेक्टेयर निस्तार भूमि में से मात्र 30 हेक्टेयर भूमि पर ही पौधारोपण होना है, बाकी 60 हेक्टेयर जमीन अब भी उनके निस्तार के लिए बाकी है। वहीं पर्यावरण की बेहतरी भी जरूरी है।उच्च स्तरीय कमेटी में होगा निर्णयददरगवां में पौधारोपण को लेकर ग्रामीणजनों को समझाइश दी जा रही है। इस मामले में जिला टास्क फोर्स की बैठक में निर्णय होगा। उच्च अधिकारी तय करेंगे कि आगे क्या करना है।महेश कुश्वाह, रेंजर, कुंडम परिक्षेत्र

February 16, 2026 13:33 UTC

भास्कर न्यूज, पुणे। शहर के विभिन्न हिस्सों में हुई दो दुखद घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। पहली घटना बिबवेवाड़ी के अप्पर इंदिरानगर इलाके में हुई, जहां एक निर्माण स्थल पर दिवार गिरने से 34 वर्षीय मजदूर मिथुन नारायण चव्हाण (रा. महावीरनगर, सुखसागरनगर, कात्रज) की मौत हो गई।घटना के अनुसार, दिवार गिरने के समय चव्हाण निर्माण कार्य में लगे हुए थे। उनके घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके परिवार ने बताया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों की कोई व्यवस्था नहीं थी और मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसी कारण बिबवेवाड़ी पुलिस ने ठेकेदार राठोड के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक कांबळे कर रहे हैं।दूसरी घटना येरवडा इलाके में घटी, जहां पीएमपी बस के चक्के के नीचे आने से 22 वर्षीय सह-यात्री विकी महातो (रा. धानोरी, विश्रांतवाडी) की मौत हो गई। घटना 14 फरवरी को दोपहर चार बजे हुई, जब महातो और उनके साथी सुभाष कांबले मोटरसाइकिल से येरवडा क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान सामने से आए रिक्शा से टकराने के कारण दोनों सड़क पर गिर पड़े और पीछे से आ रही पीएमपी बस के चक्के के नीचे महातो आ गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई। इस मामले में लक्ष्मीनगर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच पुलिस उपनिरीक्षक शेख कर रहे हैं।

February 16, 2026 13:31 UTC

About IAS Avi Prasad career2Avi Prasad, a 2014-batch IAS officer from Sitapur district in Uttar Pradesh, secured an impressive All India Rank (AIR) of 13 in the UPSC Civil Services Examination. Before joining the civil service, he worked at the Reserve Bank of India. As Collector in Katni, he was known for tackling malnutrition and addressing public issues.

February 16, 2026 13:28 UTC