यूपी के मेरठ का मवाना खुर्द इलाका। 21 फरवरी को यहां फार्म हाउस के पास खेत में एक लड़की की लाश मिली। चेहरा जला हुआ था इसलिए पहचानना मुश्किल था। पांच दिन बाद ही 26 फरवरी को मेरठ पुलिस ने मर्डर केस का खुलासा किया और 4 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। पुलिस न.
पुलिस ने डेडबॉडी दिल्ली की रहने वाली अर्चिता अरोड़ा की बताई। पीसी में कहा कि वो अक्सर मेरठ के एक होटल में आती थी। उस दिन नशे में होटल मालिक और उसके साथियों से उसकी कहासुनी हुई। अर्चिता ने रेप केस में फंसाने की धमकी दी, तो आरोपियों ने कंबल से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। फिर पहचान छिपाने के लिए तेजाब से चेहरा जलाकर लाश खेत में फेंक दी।पुलिस ने 5 दिन में ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री तो सुलझा दी, लेकिन एक सवाल फिर भी उलझा रहा। वो ये कि अर्चिता की फैमिली या ब्लड रिलेशन से कोई उसकी डेडबॉडी लेने क्यों नहीं आया। दैनिक भास्कर ने मेरठ के SSP, SP देहात, CO और SHO मवाना से ये सवाल किया तो जवाब मिला कि अभी इसका पता लगाया जा रहा है। लड़की की पहचान आधार कार्ड से की गई है। दैनिक भास्कर ने पड़ताल की, तो लड़की की पहचान ही बदल गई।मेरठ पुलिस को 21 फरवरी 2026 को मेरठ-बिजनौर हाईवे पर एक हाउस के पास सरसों के खेत में लड़की की लाश मिली थाी।आधार कार्ड पर नाम अर्चिता अरोड़ा, फोटो विदेशी लड़की की तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं ने लाश को लेकर दो दावे किए। ये पुलिस के दावों से अलग थे। दोनों महिलाओं का कहना है कि 25 फरवरी को उन्होंने पुलिस को बता दिया था कि मरने वाली लड़की भारतीय नहीं, बल्कि तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत है। वो 15 साल पहले भारत आई थी। दलालों ने पासपोर्ट जब्त कर उसे सेक्स रैकेट में फंसा दिया। उसकी बॉडी पर बने टैटू छिपाने के लिए उसे जगह-जगह जलाया गया।इन दावों को लेकर सबसे पहले हमने मेरठ पुलिस से बात की। देहात SP अभिजीत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि लड़की के आधार कार्ड पर नाम अर्चिता अरोड़ा दर्ज है। हालांकि पुलिस ने मीडिया के सामने आधार कार्ड नहीं दिखाया।हमने पुलिस में अपने सोर्स के जरिए आधार कार्ड की कॉपी देखी। उस पर नाम अर्चिता अरोड़ा और जन्मतिथि 27 अप्रैल 1984 है। पता दिल्ली के कोटला मुबारकपुर का है। आधार कार्ड पर लगी फोटो भारतीय नहीं, बल्कि विदेशी लड़की की है। इस पर हमारा शक गहराया।इसका पता लगाने के लिए हमने मेरठ पुलिस के जांच अधिकारियों से संपर्क किया। पता चला कि 26 फरवरी की शाम एक विदेशी महिला आई थी। उसने भी यही दावा किया कि जिस लड़की की लाश मिली है, वो तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली थी। हालांकि पुलिस ने हमें थाने में आई उस महिला की डिटेल नहीं दी।मुहब्बत की मां नाहमदिनोवा गुलनारा ने उसकी ये तस्वीरें भेजी हैं, जिसमें उसके हाथ और कमर पर टैटू नजर आ रहे हैं।तुर्कमेनिस्तान में मां ने ईयरिंग-ब्लैकटॉप से बेटी को पहचाना काफी खोजबीन के बाद हमें 28 फरवरी को थाने में आई महिला की डिटेल मिली। नाम अजीजा बताया गया। वो उज्बेकिस्तान की रहने वाली हैं। हमने उनसे पूछा कि मेरठ में मिली लड़की की डेडबॉडी के बारे में आपको कैसे पता चला, आपने पुलिस को क्या बताया था?
इस पर अजीजा ने बताया, ‘हमारे पास चंडीगढ़ में रहने वाली एलीना का फोन आया था। 25 फरवरी की शाम मेरठ पुलिस ने उसे फोन किया और लड़की (मुहब्बत) की लाश की फोटो भी भेजी थी। उसकी कॉल डिटेल में आखिरी नंबर एलीना का ही था। वो मुहब्बत की परिचित थी।‘‘एलीना ने लड़की (मुहब्बत) की मां नाहमदिनोवा गुलनारा को उसकी तस्वीर भेजी। तस्वीर में लड़की ने ब्लैक टॉप पहन रखा था। चेहरा जला हुआ था इसलिए पहचानना मुश्किल था। हालांकि ईयर रिंग से मां ने उसे पहचान लिया।’मुहब्बत की मां नाहमदिनोवा गुलनारा, तुर्कमेनिस्तान में रहती हैं। वे बेटी के लिए इंसाफ की मांग कर रही हैं।मां बोली- पुलिस भले DNA टेस्ट करा ले, लेकिन अस्थियां दे दे गुलनारा तुर्कमेनिस्तान में रह रही हैं। दैनिक भास्कर ने अजीजा के जरिए उनसे वीडियो कॉल पर बात की। हमने पूछा कि आधार कार्ड में इस लड़की का नाम अर्चिता अरोड़ा लिखा है। आप फिर कैसे इसे मुहब्बत बता रही हैं?
इस पर वो कहती हैं, ‘ये मेरी बेटी मुहब्बत ही है। उसकी पैदाइश 25 नवंबर 1985 की है। वो करीब 15 साल पहले नौकरी के लिए इंडिया गई थी। तब से वहीं है। आधार कार्ड पर गलत नाम लिखा है। उसका पासपोर्ट कुछ लोगों ने जब्त कर लिया है।’हमने पूछा कि आपने डेडबॉडी की फोटो देखकर कैसे पहचाना कि वो आपकी बेटी ही है। गुलनारा कहती हैं, ’उसके कपड़ों और ईयर रिंग से पहचाना। पुलिस को उसके पास से जो आधार कार्ड मिला है, उस पर मेरी बेटी की असली फोटो है। मरने वाली मेरी बेटी मुहब्बत ही है।’’अगर पुलिस के पास DNA सैंपल है, तो मेरी जांच करा सकते हैं। हालांकि हमें बताया गया कि पुलिस ने खबर दिए बगैर उसकी लाश जला दी। ये गलत है। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि खुद भारत आ सकूं।’’हमने अजीजा के जरिए तुर्कमेनिस्तान एंबेंसी को लेटर भेजा है, ताकि हमारी गैरमौजूदगी में अजीजा ही पुलिस से संपर्क करे। कम से कम अब हमारी बेटी की अस्थियों की राख ही हमें सौंप दी जाए, ताकि हम अपने रीति रिवाज से उसे विदाई दे सकें।’मुहब्बत की मां ने अजीजा के जरिए तुर्कमेनिस्तान एंबेंसी को ये लेटर भेजा है ताकि उनकी तरफ से पुलिस में अपना पक्ष रख सके।पुलिस असलियत जानती थी, करीबी का दावा- 16 फरवरी से फोन बंद था अब सवाल ये है कि पुलिस ने जब 26 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो क्या वो नहीं जानती थी कि मरने वाली अर्चिता अरोड़ा नहीं बल्कि मुहब्बत है। दैनिक भास्कर ने इसकी भी पड़ताल की। 26 फरवरी को मेरठ देहात SP अभिजीत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। मीडिया को ऑफिशियल प्रेस नोट भी भेजा था।मेरठ पुलिस की प्रेस नोट में साफ लिखा है कि मरने वाली लड़की अर्चिता अरोड़ा थी। उसकी हत्या के आरोप में 4 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों के नाम अरविंद उर्फ मोनू, संदीप उर्फ राहुल, चंचल उर्फ बंटी और विवेक उर्फ काका हैं। पुलिस ने