Or in how “VIPs” and various functionaries hogged the limelight and blocked product developers and AI enthusiasts from attending the summit on some days. Then there was a protest by some activists of the Indian Youth Congress (of the Congress party) who staged a non-violent “flash mob”-like protest against the India-U.S. interim trade deal. Granted, the Congress party’s use of the summit’s media coverage and the venue to stage a protest was inappropriate. It is difficult not to read the charges framed against the Youth Congress activists in the same light. The police must desist from filing unrelated and outrageous charges against the activists and courts adjudicating on such cases of dissent — including those against the Youth Congress activists — must quash these FIRs forthwith.

February 28, 2026 00:11 UTC

गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने बच्चों के अत्यधिक मोबाइल फोन का प्रयोग रोकने को लेकर पत्र भेजा है। इस पर अमल कराने के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर दिए हैं। कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों को मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया गया है। एडीएम (प्रशासन) संजय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चे मोबाइल फोन के प्रति मानसिक, भावनात्मक एवं व्यावहारिक रूप से आसक्त होते जा रहे हैं। मोबाइल पर अनियंत्रित गेमिंग, इंटरनेट मीडिया तथा विभिन्न गतिविधियाें से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।साथ ही पारिवारिक संबंधों एवं सामाजिक संतुलन पर भी इसका प्रभाव दिखाई देता है। इसका भयावह परिणाम पांच फरवरी को गाजियाबाद में देखने को मिला था। यहां पर तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी।इस तरह की घटनाओं को रोकने तथा बच्चों को मोबाइल की दुनिया से दूर करने के लिए कदम उठाए गए हैं। एडीएम प्रशासन ने सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में कक्षा पांचवीं तक के छात्र-छात्राओं को मोबाइल फोन के माध्यम से होमवर्क, असाइनमेन्ट के साथ शैक्षणिक कार्य नहीं देने के आदेश जारी किए हैं। इसकी निगरानी के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को चेताया गया है।विशेष परिस्थितियों में होगा प्रयोगस्कूलों में विद्यार्थियों के लिए मोबाइल का प्रयोग विषम एवं अपरिहार्य परिस्थितियों में किया जा सकता है। इसकी भी स्कूल को निगरानी करनी होगी। अन्य व्यवस्था के लिए तत्काल प्रभाव से रोक लगाना सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही विद्यालयों में ही समस्त शैक्षणिक कार्य सम्पन्न कराए जाएं एवं होमवर्क दिया जाए।रैली निकालकर किया था जागरूकप्रेमपुरी कालोनी स्थित श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल के बच्चों ने गत 19 फरवरी को ही मोबाइल फोन के अत्यधिक प्रयोग के विरोध में जागरूकता रैली निकाली थी। उसमें बच्चों ने मोबाइल को लेकर विभिन्न स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्रेमपुरी, हनुमान चौक, भगत सिंह चौक और शिव चौक के साथ प्रमुख बाजारों में पहुंचकर अभिभावकों, बच्चों को जागरूक किया था। संकल्प लिया था कि वह मोबाइल फोन से दूर रहेंगे। बच्चों ने संदेश दिया था कि मोबाइल फोन छोड़ो और किताबों से नाता जोड़ो। इसकी लोगों ने खूब सराहना की थी।

February 27, 2026 23:33 UTC

कानपुर (ब्यूरो)। शहर के राजापुरवा इलाके में बना आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयान कर रहा है। बाहर से देखने पर यह बिल्डिंग पूरी तरह खंडहर जैसी दिखाई देती है, लेकिन अंदर डेली मासूमों की किलकारियां गूंजती हैं। एक रीडर की कंप्लेन पर थर्सडे को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट के रिपोर्टर ने मौके पर पहुंचकर हालात देखे। इस दौरान बिल्डिंग की हालत बेहद ही चिंताजनक मिली। बिल्डिंग की जर्जर छत के नीचे बच्चे खेलते नजर आए, जबकि एक कमरे में आंगनवाड़ी स्टाफ मौजूद था। बताया गया कि बच्चे कुछ देर पहले ही घर लौटे हैं, लेकिन रोज यहां 30 से 40 बच्चों की मौजूदगी रहती है।गिरता प्लास्टर बना खतरे की घंटीबिल्डिंग की छत कई जगह से उखड़ चुकी है और प्लास्टर लगातार गिर रहा है। कमरे के कोनों में गिरे मलबे के निशान साफ दिखाई देते हैं। बीम में दरारें पड़ चुकी हैं और अंदर की सरिया बाहर झांकने लगी है, जो किसी भी वक्त गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बच्चों के बैठने और खेलने की जगह के ठीक ऊपर यह खतरा हर समय मंडराता रहता है।तार से बंधी खिड़कियां, टूटे दरवाजेकेंद्र की खिड़कियां इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि उन्हें गिरने से बचाने के लिए तार से बांधकर रखा गया है। दरवाजों की हालत भी खराब है और कई हिस्सों में दीवारों की ईंटें तक उखड़ चुकी हैं। बरसात और आंधी के समय यहां बैठना और भी खतरनाक हो जाता है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई फिर भी जारी रहती है।सालों से कई से शिकायत, नहीं हुई सुनवाईसेंटर की महिला स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भवन की खराब हालत को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और डूडा विभाग से शिकायत की जा चुकी है। बार-बार अनुरोध के बावजूद अब तक मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। स्टाफ और पेरेंट्स दोनों ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं।सामुदायिक केंद्र से बना आंगनवाड़ीयह बिल्डिंग साल 1994 में डूडा विभाग द्वारा सामुदायिक केंद्र के रूप में बनाया गया था। जर्जर होने के बाद स्थानीय लोगों ने इसका यूज बंद कर दिया, लेकिन बाद में यहां आंगनवाड़ी और वैक्सीनेशन सेंटर शुरू कर दिया गया। अब इसी खंडहर में बच्चों की पढ़ाई और टीकाकरण दोनों चल रहे हैं।रोज आते हैं 30 से 40 बच्चेकेंद्र से जुड़े करीब 100 बच्चे हैं, जिनमें से रोज 30 से 40 बच्चे पढ़ने आते हैं। पेरेंट्स का कहना है कि उन्हें मजबूरी में बच्चों को यहां भेजना पड़ता है क्योंकि आसपास कोई वैकल्पिक केंद्र नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। समय रहते भवन की मरम्मत या बच्चों के लिए सुरक्षित जगह की व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा नुकसान हो सकता है।

February 27, 2026 23:25 UTC

‘Building shook’: Kolkata, Bengal feel tremors as 5.5 earthquake hits Bangladesh Crowds were seen outside offices across Kolkata as people rushed out because of the temblor, which was epicentred near Satkhira in Khulna divisionOur Web DeskAn earthquake was felt across Kolkata and several districts of Bengal at 1.22pm, which was the result of a temblor epicentered in Bangladesh that measured 5.5 on the Richter scale. The quake was at a depth of 35 km, according to the European Mediterranean Seismological Centre. "It was so strong the building moved," said a 12-year-old who lives in an apartment complex in Salt Lake. The building shook. Praying for safety.”Crowds were seen outside offices across Kolkata as people rushed out of the buildings.

February 27, 2026 23:02 UTC

जागरण संवाददाता, धनबाद। रांची से वाराणसी जानेवाली वंदे भारत एक्सप्रेस के हजारीबाग रोड स्टेशन पर ठहराव की तिथि जारी हो गई है। 20887 रांची-वाराणसी वंदे भारत सुबह 8:12 से 8:14 तथा 20888 वाराणसी-रांची वंदे भारत रात 8:17 से 8:19 तक रुकेगी।रांची-आनंदविहार व पटना-विशाखापट्टनम के बीच स्पेशल ट्रेन रांची से आनंदविहार आर पटना से विशाखापट्टनम के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलेगी। हटिया-आनंदविहार स्पेशल प्रत्येक शनिवार 28 फरवरी व सात मार्च तथा आनंदविहार-हटिया स्पेशल एक व आठ मार्च को चलेगी। विशाखापट्टनम-पटना स्पेशल एक व आठ मार्च तथा पटना-विशाखापट्टनम स्पेशल दो व नौ मार्च को चलेगी। गया स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य के कारण कोडरमा, तिलैया, राजगीर व नालंदा होकर चलाई जाएगी। धनबाद-गोरखपुर स्पेशल 30 मार्च तक चलेगी, कई ट्रेनों में अतिरिक्त कोच धनबाद से गोरखपुर के बीच नौ मार्च को चलने वाली होली स्पेशल ट्रेन के फेरे में विस्तार किया गया है। 03677 धनबाद-गोरखपुर स्पेशल एवं 03678 गोरखपुर-धनबाद स्पेशल 30 मार्च तक हर सोमवार को चलेगी।

February 27, 2026 21:24 UTC





नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 66% तक उछाल आ सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर परिवार की गणना 3 की जगह 5 यूनिट पर की जाए, तो न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन (8th Pay Commission salary and pension hike) तीनों में बड़ा बदलाव संभव है।दरअसल, नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए एक साझा मांग पत्र तैयार करने को राष्ट्रीय राजधानी में हफ्ते भर की बैठक बुलाई है। यह मांग देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स से जुड़ी है। चर्चा का सबसे अहम मुद्दा है- फैमिली यूनिट (8th Pay Commission family unit) का विस्तार।Meeting of the drafting committee of the National Council-JCM (Staff Side) begins at its office where leaders of the staff side JCM are participating in the meeting to finalise the memorandum to be submitted to 8th Pay Commission.#8thpaycommission pic.twitter.com/4Y59TlQH2p — Shiva Gopal Mishra (@ShivaGopalMish1) February 25, 2026 सातवें वेतन आयोग में कैसे काउंट हुआ था वेतन? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 कंजम्प्शन यूनिट के आधार पर की गई थी। इसमें कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चों को शामिल किया गया। यह गणना डॉ. वालेस एक्रोयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें 2,700 कैलोरी प्रति वयस्क, सालाना 72 गज कपड़ा और मकान का खर्च जैसे मानक तय किए गए थे। मकसद था- एक परिवार को सम्मानजनक जीवन के लिए कितनी आय चाहिए, इसका अंदाजा लगाना।चूंकि न्यूनतम वेतन सीधा-सीधा यूनिट की संख्या से जुड़ा होता है, इसलिए 3 से 5 यूनिट होने पर बेस कैलकुलेशन वैल्यू में गणितीय रूप से 66.67% की बढ़ोतरी हो सकती है। यूनियनों का दावा है कि इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में करीब 66% तक उछाल आ सकता है।तो ऊपर खिसक जाएगी सैलरी मैट्रिक्स? फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपए है। अगर बेसिक पे बढ़ता है, तो पूरी सैलरी मैट्रिक्स ऊपर खिसक जाएगी। यूनियनें 3.25 या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की भी मांग कर रही हैं। साथ ही सालाना इंक्रीमेंट दर 3% से बढ़ाकर 7% करने की मांग है।

February 27, 2026 21:06 UTC

It took a cat to pull the man accused of a double murder out of the bag. The police say Aleksei knew the victims and had been in a live-in relationship with them at different times. He took the police to her house in Arambol, where her naked, decomposing body was found outside her bathroom. In 2016, a Goa trial court acquitted both Samson D’Souza and Placido Carvalho of charges including rape and culpable homicide not amounting to murder. The Central Bureau of Investigation (CBI) appealed the acquittal to the Bombay High Court (Goa Bench).

February 27, 2026 21:02 UTC

Aam Aadmi Party (AAP) leaders on Friday described the court’s decision in the excise police case as a vindication of truth and constitutional values. Former Deputy Chief Minister Manish Sisodia said the ruling reaffirmed the public’s faith in the Constitution. “Despite all the attempts by the BJP and its agencies to prove us dishonest, today it has been established that Arvind Kejriwal and Manish Sisodia are honest,” he post on X.

February 27, 2026 20:30 UTC

Two persons have been arrested for allegedly bludgeoning a 17-year-old boy to death and setting his body on fire near north-west Delhi’s Majlis Park metro station in an attempt to destroy evidence, the police said on Friday. The accused have been identified as Gaurav alias Kaliya, 30, a resident of Azadpur Village, and Vinay, 25, who lives in a Lal Bagh jhuggi cluster. According to police, the killing was carried out to avenge the murder of Mr. Gaurav’s neighbour, Deepak, whom he referred to as his uncle. Police said Mr. Gaurav had planned the murder after suspecting the teenager’s involvement in Deepak’s death. The charred body was discovered on February 12 near Majlis Park metro station but remained unidentified until February 16, when his parents visited the Adarsh Nagar police station and recognised his photograph displayed on the notice board under the “unidentified persons” section.

February 27, 2026 20:28 UTC

Mumbai News राज्य में फर्जी पाठ्य पुस्तकों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने शुक्रवार को विधानसभा में जानकारी दी कि दिसंबर 2025 में नागपुर के हिंगणा एमआईडीसी क्षेत्र स्थित एक निजी प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी कर 20 हजार से अधिक फर्जी किताबें जब्त की गईं। ये किताबें महाराष्ट्र राज्य पाठ्य पुस्तक निर्मिती व अभ्यासक्रम संशोधन मंडल (बालभारती) के नाम से अवैध रूप से छापी जा रही थीं।मंत्री ने सदन में बताया कि छापे के दौरान कक्षा 9 से 12वीं तक की विभिन्न विषयों की किताबों की अवैध छपाई का मामला सामने आया है। बालभारती के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जिसके बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रिंटिंग प्रेस के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है और फर्जी किताबों का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया है।राज्यभर में अलर्ट जारी : दादाजी भुसे ने कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने राज्यभर के क्षेत्रीय अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। आवश्यकतानुसार निजी प्रिंटिंग प्रेसों की जांच और निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि फर्जी किताबों की छपाई पर अंकुश लगाया जा सके। छात्रों और अभिभावकों को असली-नकली किताबों की पहचान में मदद करने के लिए इस शैक्षणिक सत्र से अधिकृत पाठ्यपुस्तकों के निर्धारित पन्नों पर क्यूआर कोड छापे जाएंगे। इसके अलावा मई और जून महीने में मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि विद्यार्थी, अभिभावक और पुस्तक विक्रेता फर्जी किताबों से सावधान रहें।

February 27, 2026 20:12 UTC

लेखक के बारे में अमित शुक्‍ला अमित शुक्‍ला, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 18 साल से भी ज्‍यादा समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्‍होंने बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार, शेयर मार्केट, राजनीति, देश-विदेश, प्रॉपर्टी, करियर जैसे तमाम विषयों को कवर किया है। पत्रकारिता और जनसंचार में PhD करने वाले अमित शुक्ला 7 साल से भी ज्‍यादा समय से टाइम्‍स इंटरनेट लिमिटेड के साथ जुड़े हैं। टाइम्‍स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्‍स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्‍स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। उन्‍होंने टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्‍थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया है। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्‍ट के तौर पर भी पहचान बनाई है। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया।... और पढ़ें

February 27, 2026 19:30 UTC

India-MENA Economic Ties: The Way ForwardOver the last decade, India’s foreign policy has undergone major changes. Credit in this aspect is also due to Indian foreign policymakers who have deftly balanced India’s ties with Israel and with other states in the Middle East. Economics TiesWith the MENA region, India’s core strength lies in the economic field and the potential it offers for future growth and development. [11] So, in all, India and the MENA region today are already connected by strong economic ties. [2] Sarwant Singh, “India’s economic juggernaut on way to becoming the 3rd largest economy,” Forbes, July 14, 20205, https://www.forbes.com/sites/sarwantsingh/2025/07/14/indias-economic-juggernaut-on-way-to-becoming-the-3rd-largest-economy/.

February 27, 2026 19:20 UTC

अरविंद शर्मा, नई दिल्ली। बिहार में राज्यसभा की खाली पांच सीटों में से चार पर तस्वीर लगभग साफ है। भाजपा और जदयू दो-दो सीटें आसानी से निकालने की स्थिति में हैं। असली मुकाबला पांचवीं सीट पर होने जा रहा है, जो चुनाव को दिलचस्प और राजनीतिक रूप से अहम बना रहा है।सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल बनने जा रहा है। मौजूदा संख्या-बल को देखें तो भाजपा-जदयू की दो-दो सीटों पर जीत तय है। जदयू ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे दो से अधिक सीटों की चाहत नहीं है। ऐसे में पांचवीं सीट स्वाभाविक रूप से भाजपा के पास होगी।किस पर है भाजपा की नजर? शीर्ष सूत्रों का कहना है कि पांचवी सीट के लिए भोजपुरी स्टार पवन सिंह के नाम पर भाजपा विचार कर रही है। ऐसा होता है तो इसका राजनीतिक असर भी होगा। खासकर उपेंद्र कुशवाहा की भूमिका और भविष्य पर सवाल खड़े होंगे। बहरहाल, चार सीटों पर भले औपचारिकता हो, लेकिन असली कहानी पांचवीं सीट पर लिखी जाएगी। यदि एनडीए पांचवां प्रत्याशी उतारता है तो उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।यहीं पर छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका बढ़ जाएगी। दोनों पक्षों को अपने विधायकों को एकजुट रखने के साथ क्रास-वोटिंग के खतरों से भी निपटना होगा, क्योंकि महागठबंधन ने भी इस सीट को हल्के में नहीं लिया है। राजद ने कांग्रेस और वामदलों से विमर्श के बाद पांचवीं सीट पर दावा ठोक दिया है।हालांकि उसके पास 35 विधायक हैं। जीत के लिए छह अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में एआईएमआईएम और बसपा का समर्थन निर्णायक हो सकता है। एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक हैं। इनका साथ मिलता है तो संघर्ष कड़ा होगा।उपेंद्र कुशवाहा का नाम सबसे आगे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पर्याप्त समर्थन होने का दावा किया है। इस बीच एआईएमआईएम ने अपने रुख के संकेत दिए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी से मुलाकात कर समर्थन का आग्रह किया है। राजद की ओर से पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को उतारने की तैयारी है। अगर ऐसा हुआ तो एआईएमआईएम पर राजनीतिक दबाव बन सकता है।दूसरी ओर भाजपा यदि इस सीट पर उपेंद्र कुशवाहा का नाम आगे करती है तो महागठबंधन के लिए मुकाबला जटिल हो सकता है। कुशवाहा पहले से ही बिहार की राजनीति में अहम चेहरा रहे हैं। उनके नाम से जातीय और क्षेत्रीय समीकरण प्रभावित होता रहा है। ऐसे में पांचवीं सीट का नतीजा चाहे जो हो, लेकिन इसके राजनीतिक संकेत दूरगामी होंगे।

February 27, 2026 19:17 UTC

When he joined the DMK in the presence of Chief Minister M.K.Stalin, Mr. Panneerselvam was accompanied by only one legislator, P. Ayyappan. After his expulsion from the AIADMK in July 2022, Mr Panneerselvam had the support of two prominent leaders - R. Vaithilingam and P.H. At one stage, the Madras High Court restrained Mr Panneerselvam from using the AIADMK’s flag, election symbol and letterhead. Somehow, Mr Panneerselvam could not establish again a similar rapport publicly with Ms Sasikala, though both said they would meet each other at an “appropriate time.”Mr Panneerselvam became persona non grata for Mr Palaniswami. There was a talk that Mr Panneerselvam might join hands with actor Vijay’s Tamilaga Vettri Kazhagam.

February 27, 2026 19:02 UTC

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Delhi Excise Policy Case में सीबीआई द्वारा दर्ज केस में आज दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है। अदालत ने इन्हें यह कहते हुए बरी किया कि महज अनुमान के आधार पर सीबीआइ ने साजिश की कहानी गढ़ने की कोशिश की।इस फैसले के बाद से ही पूरी आम आदमी पार्टी में खुशी की लहर है। एक ओर जहां अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कोर्ट से बाहर आकर मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए। वहीं जब वह घर पहुंचे तो पूरे परिवार से मिलते हुए भी जो खुशी और भावुकता दिखाई दी हुए शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।कोर्ट से सीबीआई मामले में बरी होकर जब केजरीवाल घर पहुंचे पूरा परिवार उनके स्वागत के लिए घर के बाहर ही खड़ा था। इस दौरान सबके चेहरे पर खुशी और आंखों में नमी देखी जा सकती है। अपनी पत्नी से गले मिलकर केजरीवाल भावुक हो गए और सभी लोग खुशी से झूम उठे। केजरीवाल का परिवार हमेशा हर परिस्थिति में उनके साथ दिखता है। आज भी जब कोर्ट से फैसला आया तो ये तस्वीरें यही दिखाती हैं कि उनका परिवार आज इस खुशी में भी उनके साथ है। आबकारी घोटाला मामले में बरी होने के बाद केजरीवाल ने पहले पत्रकारों से बात की, फिर घर पहुंचकर उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया। केजरीवाल ने लिखा है, 'आखिर में अधर्म और अन्याय हारता है और सच ही जीतता है। सत्यमेव जयते।'क्या थी आबकारी नीति 2021-22 दिल्ली सरकार ने चोरी को रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए नवंबर 2021 में अपनी आबकारी नीति में सुधार का प्रयास शुरू किया था। इस समय तक दिल्ली में शराब की खुदरा बिक्री सरकारी निगमों और निजी कंपनियों के बीच समान रूप से वितरित की जाती थी और आबकारी विभाग प्रति वर्ष लगभग 4,500 करोड़ रुपये कमाता था।दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के आने के बाद, सरकार ने खुदरा का पूरी तरह से निजीकरण कर, आबकारी चोरी और अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाकर 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा गया। इस नई नीति के तहत शहर के सभी 272 नगरपालिका वार्डों में कम से कम दो शराब की दुकानें होनी थीं।क्या है आबकारी घोटाले का सीबीआई केस सीबीआइ और ईडी ने आरोप लगाया है कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितता की गई थी और लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ दिया गया था। लाइसेंस शुल्क माफ या कम किया गया था और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना एल-1 लाइसेंस बढ़ाया गया था।लाभार्थियों ने आरोपित अधिकारियों को अवैध लाभ दिया और पता लगाने से बचने के लिए अपने खाते की पुस्तकों में गलत प्रविष्टियां कीं। यह भी आरोप है कि आबकारी विभाग ने निर्धारित नियमों के विरुद्ध एक सफल निविदाकर्ता को लगभग 30 करोड़ रुपये की बयाना जमा राशि वापस करने का निर्णय लिया था।

February 27, 2026 18:57 UTC