ETAutoTech Summit 2026 Climate change indicators have reached record levels, says the World Meteorological Organization. 2023 was the warmest year on record. Number of Indian cities among the most polluted in the world is increasing. According to the IEA (International Ene

February 13, 2026 13:48 UTC

गुवा, संवाददाता। गुवा क्लब में डॉ. स्मिता भास्कर द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए भयमुक्त वातावरण में परीक्षा की तैयारी को लेकर एक दिवसीय प्रेरणादायक कक्षा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास जगाना, सकारात्मक सोच विकसित करना तथा समय और कार्य प्रबंधन की सही समझ प्रदान करना था। डॉ. स्मिता भास्कर ने कहा कि सफलता वहीं पर है, जहां कार्य करने में खुशी का एहसास हो। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की प्रेरणा दी। अपने प्रेरक शब्दों के माध्यम से उन्होंने बच्चों को यह महसूस कराया कि उनके सपने साकार हो सकते हैं, यदि वे सही दिशा, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं।कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित नजर आए। संवादात्मक शैली में आयोजित इस सत्र में बच्चों ने अपने प्रश्न भी पूछे और परीक्षा से जुड़ी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से हम होंगे कामयाब गीत गाकर वातावरण को उत्साह और आत्मविश्वास से भर दिया। इस अवसर पर डॉ. स्मिता भास्कर, गीता आनंद, अनिल कुमार, माधवी पांडेय, प्रसन्न कुमार आचार्या, आकांक्षा सिंह, पुष्पांजलि नायक, इशिका गुप्ता, अरविंद साहू, जयमंगल कुमार साव, योगेंद्र नाथ त्रिपाठी, विजय मालवा सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

February 13, 2026 13:39 UTC

Hindi NewsEntertainmentBollywoodRam Charan Upasana Twin Baby Names Meaning | Shivram Anveera Deviराम चरण-उपासना ने जुड़वां बच्चों के नाम का किया ऐलान: बेटा-बेटी के नाम का मतलब भी बताया, कहा- ये सिर्फ पहचान नहीं प्रेम की कामना है18 घंटे पहलेकॉपी लिंकराम चरण और उपासना कोनिडेला 31 जनवरी को जुड़वां बच्चों एक बेटे और एक बेटी के माता-पिता बने हैं। हाल ही में कपल ने हैदराबाद स्थित अपने घर पर नामकरण समारोह आयोजित किया और अपने बच्चों के नामों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बेटे का नाम शिवराम और बेटी का नाम अनवीरा देवी रखा गया है।वैरायटी इंडिया से बातचीत में राम चरण ने नामों के पीछे का अर्थ समझाया। उन्होंने कहा, इनका नामकरण हमारे लिए बेहद पर्सनल और आध्यात्मिक फैसला था। उपासना और मैंने इस पर काफी विचार किया, लेकिन हमारे माता-पिता भी इस यात्रा का अहम हिस्सा रहे। हमारी संस्कृति में बड़ों को ज्ञान और आशीर्वाद का स्रोत माना जाता है, इसलिए इस प्रक्रिया में उनकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत मायने रखती थी।14 जून 2012 को दोनों ने हैदराबाद के टेंपल ट्रीज फार्म हाउस में शादी की थी।उन्होंने आगे बताया, हमारे बेटे का नाम शिवराम दो शाश्वत आदर्शों भगवान शिव और भगवान राम का संगम है, जो संयम के साथ शक्ति और धर्म के साथ भक्ति का प्रतीक है। यह मेरे पिता के जन्म नाम ‘शिव शंकर वर प्रसाद’ को भी आगे बढ़ाता है, इसलिए इसमें वंश परंपरा और कृतज्ञता का भाव भी जुड़ा है।बेटी के नाम के बारे में उन्होंने कहा, अनवीरा देवी असीम साहस और दिव्य नारी शक्ति का प्रतीक है। ‘वीरा’ वीरता को दर्शाता है और ‘अन’ उसे असीमता तक विस्तारित करता है। ‘देवी’ शब्द जानबूझकर जोड़ा गया है, ताकि यह याद दिलाया जा सके कि शक्ति और करुणा साथ-साथ मौजूद हो सकते हैं। हमारे लिए ये नाम सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि शक्ति, प्रेम और साहस की कामना हैं।इसी दौरानउपासना ने दूसरी बार मां बनने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, जुड़वा बच्चों को संभालना जादुई है। अभी तो सिर्फ एक हफ्ता ही हुआ है, इसलिए मैं अभी कुछ कहना नहीं चाहती। लेकिन अपने तीनों बच्चों को एक साथ देखकर मुझे अलग ही खुशी मिलती है। राम बहुत एक्टिव रहे हैं, खासकर कारा के साथ।.

February 13, 2026 13:35 UTC

Hindi NewsBusinessGold Price Today; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (13 February 2026) | Silver Rate Todayचांदी दो दिन में ₹24 हजार सस्ती हुई: एक किलो चांदी ₹2.42 लाख पर आई, सोना आज ₹2,885 गिरकर ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम हुआनई दिल्ली 9 घंटे पहलेकॉपी लिंकसोने-चांदी के दाम में आज यानी 13 फरवरी को लगातार दूसरे दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 16,700 रुपए कम होकर 2,42,433 रुपए पर आ गई है।इससे पहले गुरुवार को ये 2,59,133 रुपए किलो थी। वहीं 2 दिन में इसकी कीमत 24 हजार रुपए गिर चुकी है। 11 फरवरी को चांदी 2,66,449 रुपए किलो पर थी।वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 2,885 रुपए गिरकर 1,52,765 रुपए पर आ गई है। इससे पहले गुरुवार को ये 1,55,650 रुपए प्रति 10 ग्राम था। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था।44 दिन में सोना ₹19,570 और चांदी ₹12,013 महंगी हुईइस साल अब तक सोने की कीमत 19,570 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 1,52,765 रुपए हो गया है।वहीं, चांदी 12,013 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 2,42,433 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई2025 में सोना 57 हजार रुपए (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।चांदी इस दौरान 1.44 लाख रुपए (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए की थी, जो साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।.

February 13, 2026 13:26 UTC

And the roughly 1,000 whiskers covering the trunk are central to its utility, highly specialized for facilitating tactile feedback. "Each whisker on their trunk acts as a tactile sensory organ, extending their tactile range." An elephant's whiskers do not grow back if damaged or lost so it is crucial they can withstand the physical abuse they experience as the animal finds and eats up to 440 pounds (200 kg) of food daily. "In contrast, elephant trunk whiskers have a flattened cross-section, so they bend easily in the direction the elephant trunk extends. Being resilient is important because elephant whiskers never grow back.

February 13, 2026 13:25 UTC





लेखक के बारे में दिनेश मिश्र दिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं। अभी वह एक्सप्लेंड स्टोरीज, डीप रिसर्च, डेटा ड्रिवेन स्टोरीज करते हैं। इसके अलावा, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट जैसी रेगुलर स्पेशल स्टोरीज भी करते हैं, जिनमें इन्फोग्राफिक्स, एक्सपर्ट बाइट और जर्नल्स का इस्तेमाल होता है। साथ ही यूएस न्यूज और गूगल ट्रेंड स्टोरीज भी करते हैं। NBT से पहले उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, पत्रिका, अमर उजाला और दैनिक जागरण के साथ 2010 से काम किया है। 2019 के लोकसभा चुनाव की रिपोर्टिंग और अर्धकुंभ भी कवर किया है।... और पढ़ें

February 13, 2026 13:24 UTC

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में निजी भूमि पर सूखे, गिरे, फफूंदग्रस्त और सड़े हुए खैर के पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध नहीं है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने वीरवार को यह टिप्पणी की।विज्ञापनविज्ञापनपीठ ने कहा कि वर्ष 1996 में राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई पर लगाया प्रतिबंध पहले ही 16 फरवरी 2018 और 10 मई 2023 के आदेशों के जरिये संशोधित किया जा चुका है, जिनमें खैर के पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई थी। मामले में नियुक्त न्याय मित्र के परमेश्वर ने बताया कि हाईकोर्ट ने यह कहते हुए हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया था कि मामला शीर्ष अदालत में है।याचिकाकर्ताओं ने पहले जिला वन अधिकारी से सूखे पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति न मिलने पर हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। पीठ ने राज्य सरकार को 10 मई 2023 के आदेश का पालन करते हुए समिति गठित करने का निर्देश दिया, जिससे ऐसी कटाई की अनुमति संबंधी मामलों का निपटारा किया जा सके। एजेंसीपेड़ों की कटाई का ठेका निजी एजेंसियों को न दिया जाए : उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में निर्देश दिया था कि खैर के पेड़ों की कटाई सीधे वन विभाग या हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम की ओर से की जाए और इसे निजी एजेंसियों को ठेके पर न दिया जाए। साथ ही प्रत्येक क्षेत्र की कटाई से पहले, दौरान और बाद में वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने व कम से कम 25 प्रतिशत परिपक्व खैर के पेड़ों को ‘मदर ट्री’ के रूप में सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया गया था।

February 13, 2026 13:23 UTC

लेखक के बारे में अशोक उपाध्याय अशोक उपाध्याय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव। साल 2014 में नवभारत टाइम्स हिंदी अखबार से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की थी। पॉलिटिक्स, खेल, क्राइम बीट पर रिपोर्टिंग में महारत। अमर उजाला देहरादून में भी सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। साथ ही कई चुनावों में ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। पिछले पांच साल से NBT डिजिटल में न्यूज डेस्क पर काम कर रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स को पकड़ने और एआई टूल्स के इस्तेमाल की अच्छी समझ है। JIMMC नोएडा से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 13, 2026 13:16 UTC

ऑस्ट्रेलिया की हार सहित T20 वर्ल्ड कप 2026 में 2007 और 1983 वाले 3 संयोग, भारत बनेगा विश्व विजेता? दीपेश शर्मा Curated by : | नवभारतटाइम्स.कॉम• 13 Feb 2026, 5:26 pm ISTSubscribeटी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हरा दिया। इस हार के साथ टीम इंडिया की वर्ल्ड कप जीत का एक गजब संयोग बन रहा है।

February 13, 2026 13:13 UTC

Indian IT shares were headed for their worst week since March 2020 on Friday, losing about $50 billion in market value in a rout sparked by worries about the impact of AI on the sector. ADVERTISEMENTThe launch of a tool by tech startup Anthropic last month triggered a global tech sell-off and intensified concerns that rapid adoption of generative AI could upend India's $283 billion IT services industry. The Nifty IT index fell as much as 5.2% on Friday before paring losses to roughly 1.7% by 1 p.m. IST. Analysts at J.P. Morgan flagged investor concerns that India's IT firms could miss growth targets as AI pushes clients to reallocate spending. Indian IT losses on Friday were led by a 2.4% drop in industry leader Tata Consultancy Services, while Infosys was down 2.2% and HCLTech dropped 1.2%.

February 13, 2026 13:09 UTC

लेखक के बारे में अक्षय श्रीवास्तव अक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। उन्हें 12 साल से ज्यादा की पत्रकारिता का अनुभव है। मार्च 2025 से वह NBT डिजिटल के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। एनबीटी न्यूज टीम में वह देश की खबरों पर नजर रखते हैं। वह राजनीति, अपराध, भारत की विदेश नीति और दिल्ली-एनसीआर से संबंधित मुद्दों को कवर करते हैं। वह ग्राउंड रिपोर्ट और एक्सक्लूसिव स्टोरीज की विशेषज्ञता रखते हैं। एनबीटी में स्पेशल न्यूज पैकेज 'मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ' की भी जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उन्होंने तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024)को कवर किया है । 2023 में दिल्ली की सड़कों पर कान का मैल निकालने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कनमैलियों की धोखेबाजी को वो उजागर कर चुके हैं। भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विषय पर बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

February 13, 2026 13:07 UTC

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता अब और नहीं चलेगी। उन्होंने कहा, 'हमने गुलामी की इस मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया, हमने वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया।'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह नई इमारत है जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय है। पीएम मोदी ने कहा, 'आज हम सभी एक नए इतिहास को बनते देख रहे हैं। आज विक्रम संवत् 2082, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, विजया एकादशी का महत्वपूर्ण शुभ दिन है। 13 फरवरी का यह दिन भारत की विकास यात्रा में एक नए आरंभ का साक्षी बन रहा है। हमारे शास्त्रों में विजया एकादशी का बहुत महत्व रहा है। इस दिन जिस संकल्प के साथ बढ़ते हैं, उसमें विजय जरूर प्राप्त होती है। आज हम सभी भी सेवा तीर्थ में विकसित भारत के लक्ष्य के साथ प्रवेश कर रहे हैं।'नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आजादी के बाद साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों से देश के लिए अनेक निर्णय, नीतियां बनी लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थी। इन इमारतों को बनाने का मकसद भारत को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखना था।'सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए परिसर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें जहां ब्रिटिश हुकूमत की सोच को लागू करने के लिए बनी थी। वहीं, आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए परिसर भारत की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं। यहां से जो फैसले होंगे वह किसी महाराजा की सोच को नहीं 140 करोड़ देशवासियों की सोच को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे।'पुराने भवन को लेकर क्या कहा पीएम मोदी ने कहा कि इस बदलाव के बीच निश्चित तौर पर पुराने भवन में बिताए गए वर्षों की स्मृतियां हमारे साथ रहेंगी। उन्होंने कहा, 'अलग-अलग समय पर वहां से कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए, वहां से देश को नई दिशा मिली है। वह परिसर, वह इमारत भारत के इतिहास का अमर हिस्सा है इसलिए हमने उस भवन को देश के लिए समर्पित म्यूजियम बनाने का फैसला किया है।'

February 13, 2026 13:05 UTC

Actor Hrithik Roshan on Friday dismissed rumours linking him to Farhan Akhtar’s “Don 3”, saying he was never approached for the film. ADVERTISEMENTFollowing his exit, several media reports claimed that Roshan was in talks to replace Singh in the film. "I would like to categorically clarify that I was never approached for 'Don 3' at any given time. The “Don” franchise started as a modern reimagining of the 1978 Hindi film of the same name, starring Amitabh Bachchan in a dual role. In 2006's “Don”, which was written and directed by Akhtar, Shah Rukh Khan played the suave underworld boss, with Priyanka Chopra starring as Roma.

February 13, 2026 13:01 UTC

लेखक के बारे में रिजवान रिजवान, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 10 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) कवर कर रहे हैं। अमर उजाला के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है। उन्‍होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 13, 2026 12:54 UTC

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 13 Feb 2026 12:36:08 PM ISTBihar News :बिहार विधान परिषद में शिक्षा विभाग से जुड़े एक अहम मुद्दे पर जमकर बहस देखने को मिली, जब विधान पार्षद बंशीधर बृजवासी ने सरकार की शिक्षक नियुक्ति और प्रमोशन से जुड़ी नीति पर गंभीर सवाल उठाए। उनके सवालों ने न केवल शिक्षा मंत्री को असहज कर दिया बल्कि विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के पार्षदों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर लिया।बंशीधर बृजवासी ने अपने सवाल की शुरुआत वर्ष 2012 में राज्य सरकार द्वारा लाई गई नियमावली का हवाला देते हुए की। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल 2012 को लागू इस नियमावली की कंडिका 7 में स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को बेसिक ग्रेड शिक्षक, कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वालों को स्नातक ग्रेड शिक्षक तथा कक्षा 8 से 10 तक पढ़ाने वालों को हेडमास्टर ग्रेड शिक्षक माना जाएगा। साथ ही इस नियमावली में यह भी प्रावधान किया गया था कि दो वर्षों तक आधे पद प्रमोशन के माध्यम से तथा आधे पद सीधी भर्ती के जरिए भरे जाएंगे।बृजवासी ने सवाल उठाया कि यह नियमावली केवल दो वर्षों के लिए बनाई गई थी, लेकिन आज 14 वर्ष बीत जाने के बावजूद इस पर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जब सरकार यह कह रही है कि पद खाली ही नहीं हैं, तो फिर आधे पदों पर ही नियुक्ति की जानी थी, ऐसे में सभी पदों पर नियुक्ति कैसे कर दी गई। उन्होंने राज्य के लगभग 32 हजार मध्य विद्यालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि हर विद्यालय में सात विषयों के स्नातक ग्रेड शिक्षक होने चाहिए, तो लगभग 2 लाख 24 हजार पद सृजित होते हैं। उन्होंने पूछा कि इतने बड़े पैमाने पर स्नातक ग्रेड में नियुक्तियां कब और कैसे हुईं।उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि हाई स्कूल के माध्यमिक शिक्षकों को उच्च माध्यमिक शिक्षक में प्रमोशन दिया जाना था और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को प्रधानाध्यापक बनाया जाना था, लेकिन यह प्रक्रिया भी आज तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार पद नहीं होने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर विशिष्ट शिक्षक नियमावली के तहत आदेश जारी किए जा रहे हैं, जो विरोधाभासी स्थिति को दर्शाता है।इस मुद्दे पर संजीव कुमार सिंह ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि नियोजित शिक्षक आज भी स्थानीय निकाय के शिक्षक हैं और उनके लिए प्रमोशन का स्पष्ट नियम है, फिर भी उन्हें प्रमोशन क्यों नहीं दिया जा रहा है। नवल किशोर यादव ने भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार ने नियमावली बनाई है, तो उसका पालन भी सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि नियमों में संशोधन की जरूरत है तो सरकार संशोधन कर सकती है, लेकिन नियमों की अनदेखी करना उचित नहीं है।जीवन कुमार ने भी पुराने और अनुभवी शिक्षकों को प्रमोशन नहीं मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को उनके अनुभव का लाभ मिलना चाहिए और उन्हें समय पर पदोन्नति दी जानी चाहिए।इस पूरे मामले में सत्ता पक्ष के विधान पार्षद नीरज कुमार ने भी सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि सहायक शिक्षकों का ग्रेड पे लेवल-9 पर तय किया गया है और प्रमोशन के बाद उन्हें इंक्रीमेंट का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन यह लाभ भी उन्हें नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसे सरकार की अधिसूचना की अवहेलना बताया।इन सभी सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार पंचायत व्यवस्था से आए शिक्षकों की अनदेखी करने की सोच भी नहीं सकती। उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा लेकर शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जिन शिक्षकों को अब तक प्रमोशन नहीं मिला है, उनके प्रमोशन पर सरकार विचार करेगी और पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

February 13, 2026 12:52 UTC