Nagpur News पर्चा लीक प्रकरण में प्रिंसिपल सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें अदालत में पेश कर पीसीआर में लिया गया है। अभी तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरोपी की तलाश जारी है। सदर थाने में दर्ज इस मामले की पड़ताल एसआईटी कर रही है। आरोपियों की िगरफ्तारी होना बाकी है।ऐसे जुड़ी है चेन : विशाखा जूनियर कॉलेज का प्रिंसिपल आरोपी प्रदीप भैय्यालाल जांगडे (43) वर्ष आराधना नगर, शिक्षक संदीप बाबूराव सरटकर (46) जयताला, एजुकेशन एकेडमी का संचालक मनीष शंभकर (46) त्रिमूर्ति नगर और दिनेश कोटांगडे (37) कबीर नगर निवासी को िगरफ्तार िकया गया है, जबकि फरार आरोपी अल्ताफ गोडिल की तलाश जारी है। घटित प्रकरण से दिनेश को उसका परिचित अल्ताफ ने कक्षा 12 का पर्चा उपलब्ध कराने के बारे में बात की थी। दिनेश ने उसके लिए सूरज सहारे से फोन पर संपर्क करने की सलाह अल्ताफ को दी। सूरज ने मनीष का नाम बताया और मनीष ने प्रिंसिपल प्रदीप का और प्रिंसिपल ने संदीप से बात की थी। इस तरह से पर्चा लिक प्रकरण की चेन जुड़ी होने का अब तक की जांच में खुलासा हुआ है। शुक्रवार की दोपहर में चारों को संबंधित अदालत में पेश िकया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पीसीआर में भेज दिया गया है। सबूत हाथ लगने की उम्मीद से आरोपियों के ऑफिस और निवास स्थान को खंगाला गया है।ऐसे हुआ था मामले का खुलासा : कक्षा 12वीं का परीक्षा केंद्र सेंट उर्सुला में 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध गतिविधियों होने से उसकी तलाशी ली गई थी। उसके मोबाइल में टेक 1 नाम के ग्रुप में परीक्षा शुरू होने के पहले ही केमिस्ट्री और फिजिक्स का पर्चा वायरल होने का पता चला था। इससे एक्सिसेंस एकेडमी से जुड़े विद्यार्थियों के ग्रुप में पर्चा वायरल िकया गया था। खास उसके िलए ग्रुप बनाया गया था। उसके लिए पैसे का लेन-देन भी हुआ था। मामले के खुलासे से माध्यमिक विभाग के शिक्षाधिकारी अनिल दहीफले की शिकायत पर सदर थाने में प्रकरण दर्ज िकया गया था। उसके बाद एकेडमी के संचालक निशिकांत सुखदेव मूल, फरहान अख्तर फहीम अख्तर, जुनेद मोहम्मद अब्दुल जावेद और मुस्तफा खान की िगरफ्तार हुई। परहान को छोड़कर तीनों आरोपी जेल में बंद है।नाम और पैसा कमाना चाहते थे : घटित मामले से पर्चा लीक प्रकरण से जुड़े आरोपी निजी ट्यूशन कक्षा से जुड़े हुए हैं। पर्चा लीक करने के पीछे आरोपियों की सोच थी कि अच्छे अंक िमलने से वह विद्यार्थियों के बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर बाकी विद्यार्थियों को अपनी तरफ आकर्षित कर सकते थे और पर्चा लीक करने से उन्हें अच्छी कमाई भी हो सकती है। प्रकरण में और भी गंभीर खुसाले होने की संभावना है।