Unlike his father, Bangladesh’s new ruler will not have to fight for ceremonial honours from India. Sheikh Mujib was there, bare-bodied above his lungyi in an East End Bangladeshi flat, when Bangladesh was only a state of mind. “Tully Sahib’s”, as John Elliott of the Financial Times, another British journalist to nurture ties with India, called him, wasn’t quite the voice of India. Meanwhile, India’s best course would be strict neutrality as a renascent Bangladesh navigates the waters to seek out its most rewarding course. No Bangladeshi can afford to believe that India alone matters in South Asia, as Sheikh Hasina is said to have done.

February 14, 2026 07:58 UTC

Valentine's Day 2026 may not only be about candlelight dinners and overpriced roses. Well, thanks to a high-intensity solar storm and the 2026 Solar Maximum, Aurora Borealis, or the Northern Lights as we better know them, are expected to be visible across at least 12 states in the United States of America tonight, 14 February. Science behind it: Why 2026 is being called the ‘Glow Year’ This rare display on Valentine’s Day 2026 is particularly important as we are currently at the Solar Maximum. According to media reports, as this year's Valentine's Day and the Northern Lights coincide with a Saturday, hotels in states like Montana and Minnesota are reporting up to 90% occupancy. Which 12 states are on the list?

February 14, 2026 07:52 UTC

On the evening of May 13, 2024, the CEO of Andhra Pradesh announced to the media that 68.04% votes were polled as of 5 pm. AdvertisementThe Election Commission's 8 pm press release on May 13, 2024. Thereafter, at 11:45 pm on the same day, May 13, 2024, the voter turnout rose to 76.50%, according to ECI press release No.ECI/PN/84/2024 dated May 13, 2024. On May 17, 2024, the Andhra Pradesh polling percentage was further revised upwards to 80.66% through the release ECI/PN/89/2024, dated May 17, 2024. But if the number was less than 491 votes in some booths, then it had to be more than 491 votes in some other booths for the polling to average at 491 votes per booth.

February 14, 2026 07:48 UTC

The health of Iran's imprisoned Nobel Peace Prize laureate Narges Mohammadi is worsening, in part because of a beating she endured during her arrest two months ago, her husband has told The Associated Press. She was attending a memorial there for a human rights lawyer who had died the previous week under unclear circumstances. Details of her deteriorating condition have come from released detainees who had been held alongside Mohammadi in Mashhad, Rahmani said. Mohammadi's new sentence was handed down Saturday by a Revolutionary Court in Mashhad, her lawyer, Mostafa Nili, said on X. "A human rights activist – a winner of the Nobel Peace Prize – whom they have arrested has no permission for access to a lawyer."

February 14, 2026 07:45 UTC

लेखक के बारे में विवेक सिंह विवेक सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 12 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) को कवर कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के घटनाक्रम में विशेष रुचि है। अमर उजाला देहरादून के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदा,एबीपी न्यूज से होते हुए नवभारत टाइम्स तक यह सफर जारी है। इस बीच न्यूज18 यूपी/उत्तराखंड के साथ टीवी की दुनिया और वीडियो न्यूज ऐप प्लेटफॉर्म के साथ भी काम किया। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 14, 2026 07:41 UTC





लेखक के बारे में शैलेश कुमार शुक्ला शैलेश कुमार शुक्‍ल, नवभारत टाइम्स डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट (असिस्टेंट एडिटर) हैं। वह NBT में फॉरेन अफेयर्स (इंटरनेशनल/वर्ल्ड सेक्शन) एडिटर की जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले 8 साल से NBT (Digital) में कार्यरत हैं। वह अजरबैजान-आर्मेनिया युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा युद्ध, इजरायल ईरान लड़ाई, चीन-अमेरिका तनाव, भारत पाकिस्‍तान संघर्ष, बांग्‍लादेश संकट जैसे अंतरराष्‍ट्रीय घटनाक्रम की लगातार कवरेज करते रहे हैं। उनका पत्रकारिता का करियर अमर उजाला अखबार, नोएडा से शुरू हुआ, जबकि उनके पास यूनीवार्ता, पीटीआई भाषा जैसी प्रतिष्ठित न्‍यूज एजेंसियों में विदेश डेस्‍क पर काम करने का 16 सालों से अधिक का अनुभव है। उन्‍होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स किया, वहीं प्रतिष्ठित इलाहाबाद व‍िश्‍वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन में ग्रेजुएशन और पोस्‍ट ग्रेजुएशन की डिग्री उनके पास है। वह अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति-कूटनीति पर पैनी नजर रखते हैं और उनके कई आर्टिकल प्रतिष्ठित अखबारों में प्रकाशित हो चुके हैं।... और पढ़ें

February 14, 2026 07:41 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

February 14, 2026 07:40 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

February 14, 2026 07:36 UTC

तेलंगाना निकाय चुनाव में कांग्रेस की बंपर जीत, पर गदगद बीजेपी क्यों बता रही अपने लिए ऐतिहासिक रिजल्ट? शशि मिश्रा Curated by : | नवभारतटाइम्स.कॉम• 14 Feb 2026, 2:14 pm ISTSubscribeतेलंगाना सरकार में वापसी के दो साल बाद, कांग्रेस ने तेलंगाना नगर निकाय चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। कांग्रेस 11 फरवरी को हुए चुनावों में शामिल 116 नगरपालिकाओं में से कम से कम 83 और सात नगर निगमों में से पांच में जीत हासिल कर ली है। लेकिन बीजेपी खुशी मना रही है।

February 14, 2026 07:33 UTC

Hindi NewsNationalIndia Must Be Ready For Independent Action: CDS Anil Chauhan StatementCDS चौहान बोले- मौजूदा दुनिया में दोस्त-दुश्मन तय करना मुश्किल: पार्टनरशिप लेन-देन पर निर्भर; भारत को अकेले काम करने के लिए तैयार रहना होगापुणे 18 घंटे पहलेकॉपी लिंकजनरल चौहान ने पुणे में सदर्न कमांड की ओर से आयोजित सेमिनार को संबोधित किया।चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को कहा कि आज की दुनिया में यह तय करना मुश्किल है कि आपके दोस्त कौन हैं, सहयोगी कौन हैं, विरोधी या दुश्मन कौन हैं।जनरल चौहान पुणे में सदर्न कमांड की ओर से आयोजित जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन (JAI) सेमिनार में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा- परमानेंट दोस्ती या दुश्मनी को लेकर धारणाएं भरोसे के लायक नहीं रह गई हैं।CDS चौहान ने कहा- आजकल रणनीतिक गठबंधन लचीले और लेन-देन पर निर्भर हो गए हैं। भारत को जरूरत पड़ने पर अकेले काम करने के लिए तैयार रहना होगा। यह तैयारी मानसिक, संरचनात्मक और भौतिक, तीनों ही स्तर पर होनी चाहिए।CDS ने कहा- वैश्विक सुरक्षा माहौल बदल रहाCDS ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा वातावरण तेजी से बदल रहा है और इसमें अनिश्चितता बढ़ी है। उन्होंने ‘जबरन राष्ट्रवाद’ और ‘आर्थिक हथियारीकरण’ का जिक्र किया, जहां व्यापार, सप्लाई चेन, तकनीक तक पहुंच और अहम संसाधनों का इस्तेमाल रणनीतिक दबाव के औजार के रूप में किया जा रहा है।जनरल चौहान ने कहा कि घोषित युद्ध अब कम होते जा रहे हैं। प्रतिस्पर्धा अब प्रॉक्सी, सीमित स्तर की कार्रवाइयों और साइबर गतिविधियों के जरिए सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि संज्ञानात्मक और सूचना युद्ध अब एक प्रमुख रणक्षेत्र बन चुके हैं, जहां सेनाओं की बजाय समाजों को निशाना बनाया जा रहा है।चौहान बोले- नेहरू चीन से अच्छे रिश्ते चाहते थे, इसलिए तिब्बत दे दियाइससे पहले देहरादून के एक कार्यक्रम में CDS जनरल अनिल चौहान ने भारत और चीने के बीच पंचशील समझौता क्‍यों हुआ, इसकी वजह बताई है। इस समझौते के तहत भारत ने 1954 में तिब्‍बत को चीन का हिस्‍सा मान लिया था।CDS ने कहा कि इस समझौते के बाद भारत को लगा कि उत्‍तरी सीमा के विवाद का निपटारा हो गया है, लेकिन चीन ने इसे केवल व्‍यापारिक समझौता माना। आजादी के बाद अंग्रेज चले गए, और असल में यह भारत को तय करना था कि फ्रंट कहां हो।चौहान ने कहा- नेहरू शायद जानते थे कि हमारे पास कुछ है, क्योंकि मैकमोहन लाइन पूरब में थी और लद्दाख इलाके में हमारा किसी तरह का दावा था, लेकिन वह यहां नहीं था। इसलिए नेहरू पंचशील एग्रीमेंट करना चाहते थे।जब उन्होंने तिब्बत को एक तरह से आजाद कर दिया था तो वे ल्हासा में चले गए थे। यह खास इलाका दोनों तरफ से बहुत मुश्किल था। इसलिए वे स्थिरता चाहते थे, शायद इसी खास इलाके में। आजाद भारत, चीन के साथ अच्छे रिश्ते बनाने का इच्छुक था। 1954 में भारत ने तिब्बत को चीन का हिस्सा माना। दोनों देशों ने पंचशील एग्रीमेंट पर साइन किए।---------------------------CDS से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…CDS बोले- ऑपरेशन सिंदूर रुका है, खत्म नहीं हुआ:पाकिस्तान इसमें बुरी तरह हारा, इमरजेंसी जैसे हालात के लिए स्टैंडर्ड सिस्टम डेवलप कर रहेचीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल रुका है, खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (CDF) जैसा नया पद बनाना पड़ा। ये पद तीनों सेनाओं को सेंट्रलाइज्ड करने के लिए बनाया गया। पूरी खबर पढ़ें….

February 14, 2026 07:22 UTC

लेखक के बारे में भव्य भारद्वाज भव्य भारद्वाज, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। इन्होंने जी न्यूज (डीएनए), इंडिया न्यूज, यूसी न्यूज, ओपो इंडिया और बाइटडांस (टिकटॉक) जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भव्य टेक-गैजेट न्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, एआई न्यूज, गैजेट्स रिव्यूज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें और लॉन्च इवेंट्स कवर करते आए हैं। दुनिया में टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों पर इनकी पैनी नजर रहती है। अलग-अलग तरह के गैजेट्स, ऑडियो प्रोडक्ट्स और वि‍यरेबल्स को पाठकों को आसान भाषा में समझाने का हुनर भव्य के पास है। इन्‍होंने बैचरल ऑफ आर्ट्स इन मास मीडिया एंड क्रिएटिव राइटिंग की डिग्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से ली है। उसके बाद हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (MJMC) किया है।... और पढ़ें

February 14, 2026 07:19 UTC

A judge declared a mistrial on Friday in a case of five current and former Stanford University students related to the 2024 pro-Palestinian protests when demonstrators barricaded themselves inside the school president's office. Twelve protesters were initially charged last year with felony vandalism, according to prosecutors who said at least one suspect entered the building by breaking a window. Police arrested 13 people on June 5, 2024, in relation to the incident and the university said the building underwent "extensive" damage. ADVERTISEMENTThe case was tried in Santa Clara County Superior Court against five defendants charged with felony vandalism and felony conspiracy to trespass. Over 3,000 were arrested during the 2024 U.S. pro-Palestinian protest movement, according to media tallies.

February 14, 2026 07:15 UTC

जब मंच के नीचे बैठे सज्‍जन ने शिक्षामंत्री से कहा कि ये पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के शहादत दिवस पर कार्यक्रम है तो उनसे कहा गया कि तू जरूर भाजपाई होगा। भाग हमारे कार्यक्रम से। शिक्षा व्‍यवस्‍था को चौपट होना ही था। जहां आपका शिक्षा मंत्री बिस्मिल्‍लाह खां और पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के बीच अंतर नहीं समझ पा रहा था।लेखक के बारे में वैभव पांडे वैभव पांडेय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, क्राइम, सोशल और पॉलिटिक्‍स से जुड़ी खबरें बनाते हैं। मीडिया में उन्‍हें 18 सालों का अनुभव है। इस दौरान हुए यूपी विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 का कवरेज कर चुके हैं। स्‍वतंत्र चेतना (लखनऊ), अकिंचन भारत (आगरा), देशबंधु (दिल्‍ली), आज समाज (इंडिया न्‍यूज ग्रुप, दिल्‍ली) और दैनिक जागरण (नोएडा/लखनऊ) जैसे संस्‍थानों में काम कर चुके हैं। करीब सात साल से NBT (Digital) के यूपी/उत्‍तराखंड टीम में कार्यरत हैं। उन्‍होंने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्‍वविद्यालय से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 14, 2026 07:14 UTC

Once spoken only in hospitals among medical professionals, the word ‘angioplasty’ has now practically become a household term. Here is all you need to know about angioplasty. Angioplasty is a minimally invasive, non-surgical procedure performed primarily in arteries supplying oxygenated blood to the heart, neck, legs or kidneys. Types of angioplasties include: balloon angioplasty; coronary angioplasty; coronary artery angioplasty; cardiac angioplasty and percutaneous transluminal coronary angioplasty; percutaneous transluminal coronary angioplasty; and heart artery dilatation. A contrast dye helps to highlight the block, and the balloon is inflated at the blood vessel that is blocked.

February 14, 2026 07:12 UTC

Immigration Satire4Another card pairs Democratic Senator Chris Van Hollen with an immigrant deportation story inside a heart, humorously reading: 'My love for you is as strong as Democrats’ love for illegal aliens… I’d fly 1,537 miles to have a drink with you.'

February 14, 2026 07:07 UTC