2024-25 में ग्रामीण क्षेत्र से 757 लोग तो शहरी क्षेत्र से 834 लोगों का यहां इलाज हुआ। हेरोइन नशे के शिकार ग्रामीण क्षेत्र 227 और शहरी क्षेत्र 260 लोग शामिल हैं। गांजा,अफीम और चरस की लत वाले ग्रामीण क्षेत्र से 402 तथा शहरी क्षेत्र से 427 लोगों का इलाज चल रहा है।यह सच है कि बच्चों और युवाओं में थिनर और ड्रग्स लेने के मामले बढ़े हैं। लेकिन सरकार इस पर भी सख्त कदम उठाने में लगी हुई है।