डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार बनने जा रही है। चुनाव में तारिक रहमान की जीत के बाद अब भारत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच कैसे रिश्ते बने रहेंगे।बांग्लादेश में 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद मुहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार के केयरटेकर के तौर पर काम कर रहे थे। इस दौरान ढाका और इस्लामाबाद के बीच रिश्ते काफी बेहतर हुए। अब तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की नजर बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों पर रहेगी।पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच कैसे रिश्ते? मुहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का कार्यभार संभालते हुए पाकिस्तान को वीजा नियमों में ढील दी। मुहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान के लिए बांग्लादेश के समुद्र तक आने का रास्ता खोल दिया। मुहम्मद यूनुस के ऐसे कदम पर जांच एजेंसियों का कहना है कि यह आतंकवादियों के लिए एक संभावित रास्ता हो सकता है। तारिक रहमान के आने से क्या होगा? बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 2001 से 2007 के बीच देश पर राज किया। उस दौरान भारत सरकार और BNP के बीच कभी गरम तो कभी ठंडे रिश्ते थे। भारत उस दौर में बांग्लादेश पर आरोप लगाता था कि बीएनपी आतंकवादियों को अपनी जमीन इस्तेमाल करने की इजाजत देती थी।