इसमें आपका दोष बस इतना होता है कि आप बार-बार किए जानेवाले निवेदन और दिए जानेवाले भरोसे के चलते वह फैसला कर लेते हैं. न्यूज़ इंडिया के साथ जुड़ने का निर्णय मेरी भयंकर भूल रही, यह मैं स्वीकार करता हूँ. जिन लोगों को हायर किया, वे सभी इन्हीं शर्तों को पूरा करते हैं. उनके डॉक्यूमेंट्स को मनमाने तरीके से नहीं मानना और उनके योगदान को रद्द करना- उनके अनुभव, पेशेवर क्षमता और ईमानदारी को ख़ारिज करना है. -राणा यशवंतइसे भी पढ़ें-न्यूज़ इंडिया के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने अपने पद से दिया इस्तीफा, राणा यशवंत द्वारा की गई नियुक्तियों और अनियमितताओं पर उठाए गंभीर सवाल https://www.bhadas4media.com/news-india-chairman-shailendra-sharma-resignation/‘न्यूज़ इंडिया’ चैनल में अंदरखाने हुआ क्या, जानिये पूरा सच!