यह बेवकूफी सिर्फ एक कैंडिडेट तक सीमित नहीं रही। लिंक्डइन पर Yoganshu Pal नाम के एक अन्य यूजर ने भी ठीक ऐसे ही एक मेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इस ईमेल में सब्जेक्ट लाइन थी- आपका नाम एप्सटीन फाइल्स में है। मेल के अंदर लिखा था- हाय योगांशु, सब्जेक्ट लाइन के लिए माफी चाहता हूं। लेकिन ईमेल्स के समंदर में, आपका ध्यान खींचने का यही एक तरीका था। मैं एक मार्केटिंग रोल की तलाश में हूं। योगांशु ने इसे पोस्ट करते हुए यूजर्स से पूछा- मैं सच में हैरान हूं। यह बोल्ड क्रिएटिविटी है या हद पार करना? हर्षदीप इस 'मजाक' से बिल्कुल खुश नहीं हुए। उन्होंने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा यह तरीका बिल्कुल अनप्रोफेशनल है। उन्होंने X पर लिखा- कृपया ऐसा न करें। हमारी कंपनी (Legitt AI) कॉन्ट्रैक्ट्स के बिजनेस में है, जहां जवाबदेही और प्रोफेशनलिज्म सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर आपका पहला ईमेल ही ऐसा है, तो मैं (या कोई भी फाउंडर) इसका जवाब नहीं देगा। उन्होंने छात्र को सलाह दी कि कॉलेज प्रोजेक्ट्स और असली कॉर्पोरेट दुनिया में बहुत फर्क होता है और ऐसे शॉर्टकट काम नहीं आते।Legitt AI के फाउंडर और CEO हर्षदीप रपाल ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बेहद अजीबोगरीब जॉब एप्लीकेशन का स्क्रीनशॉट शेयर किया। यह ईमेल IIT हैदराबाद के एक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) के छात्र ने भेजा था।ईमेल का सब्जेक्ट था- आपका नाम एप्सटीन फाइल्स में है। बता दें कि 'एप्सटीन फाइल्स' कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफरी एप्सटीन से जुड़े रसूखदार लोगों से जुड़ा डेटा है, जिसमें नाम आना बदनामी और अपराध से जुड़ने जैसा माना जा रहा है। जब घबराकर हर्षदीप ने मेल खोला, तो उसकी पहली लाइन थी- हेलो हर्षदीप, मैं बस मजाक कर रहा था, मैं चाहता था कि आप यह मेल खोलें। इसके बाद कैंडिडेट ने अपना परिचय दिया, अपना रिज्यूमे अटैच किया और कंपनी के 'स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स असिस्टेंट' प्रोजेक्ट पर चर्चा करने की बात कही।