जागरण संवाददाता, देहरादून। 09 फरवरी की रात को हुई युवक की हत्या का राज टैक्सी चालक ने खोला। पुलिस ने जब टैक्सी चालक राजनंदन निवासी न्यू पटेलनगर, देहरादून को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह शव को कंबल के अंदर पैक करके चिड़ियापुर के जंगल में ले गए थे, जहां चारों ने रेत में गड्ढा खोदा और शव को वहां दबा दिया।इसके बाद सभी लोग वापस देहरादून आए और अपने-अपने घरों को चले गए। युवक की गुमशुदगी के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो कड़ियां जुड़ती गई। पुलिस टीम शव को बरामद करने के लिए टैक्सी चालक को साथ में ले गई। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने चिड़ियापुर के जंगल से शव बरामद किया।एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि जब संतराम धीमान निवासी शास्त्रीनगर वसंत विहार ने अपने बेटे दिगंबर धीमान की वसंत विहार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई तो पुलिस जांच में जुट गई। जांच के दौरान सामने आया कि दिगंबर धीमान के विरुद्ध दुष्कर्म व पाक्सो अधिनियम का मुकदमा दर्ज है।शिकायतकर्ता संतराम ने पूछताछ में बताया कि दिगंबर 09 फरवरी को इसी मुकदमे में कोर्ट में तारीख पर आया था तथा कोर्ट में अगली तिथि मिलने पर उसने अपने पिता को घर भेज दिया और खुद कुछ समय बाद आने की बात कही। उसके बाद वह घर वापस नहीं आया।जांच के दौरान पुलिस टीम को जानकारी मिली कि दिगंबर धीमान 09 फरवरी से अपने घर नहीं आया। पुलिस टीम ने दिगंबर के मोबाइल नंबर की काल डिटेल खंगाली तो लोकेशन रेसकोर्स की निकली। पुलिस लोकेशन को देखते हुए रेसकोर्स सी ब्लाक पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की।जांच के दौरान पता चला कि दिगंबर के कुछ अन्य साथी जोकि अकसर उसके साथ बैठकर नशा करते थे, वह भी दिगंबर की गुमशुदगी के बाद से ही अपने घरों से गायब चल रहे हैं। संदेह के आधार पर पुलिस टीमने लापता की तलाश के साथ-साथ उसके साथियों के संबंध में भी जानकारी एकत्रित करनी शुरू कर दी।