मिडिल ईस्ट में ईरान ही है, जो इजरायल के सामने सिर उठाता था. ऐसे में खामेनेई की मौत को प्रतिरोध की धुरी (Axis of Resistance) के खात्मे की तरह देखा जा रहा है. यूएई, बहरीन और मोरक्को पहले ही इज़रायल के संबंध सुधार चुकेमिडिल ईस्ट के देश यूएई, बहरीन और मोरक्को जैसे देश पहले ही इजरायल के साथ संबंध सामान्य कर चुके हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या चीन और रूस जैसे देश मिडिल ईस्ट में इजरायल की धमक को बर्दाश्त करेंगे? ऐसे में लगता नहीं कि चीन और रूस मिडिल ईस्ट में इजरायल के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाएंगे.