रफीक खान ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार विधानसभा जैसे संवैधानिक मंच का उपयोग अपने प्रचार-प्रसार के लिए करना चाहती है, जो सरासर अनैतिक और अनुचित है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने स्वयं कहा था कि सदन में वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्षों और कांग्रेस की पिछली सरकार के पांच वर्षों के विकास कार्यों की तुलना पर चर्चा की जाए. ''दो वर्षों की उपलब्धियों का प्रतिवेदन दुर्भाग्यपूर्ण''किन्तु यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि विधानसभा में टेबल पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दो वर्षों की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया. यदि दो सरकारों के कार्यकाल की तुलनात्मक चर्चा का विषय था, तो उसी अनुरूप प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए था. किसी भी सरकार की उपलब्धियों के गुणगान के लिए अलग से प्रतिवेदन लाकर चर्चा करना संसदीय प्रक्रिया की भावना के अनुरूप नहीं है.