अमेरिका में कंपनियों को स्पेशलाइज्ड काम के लिए विदेशी वर्कर्स को हायर करने की इजाजत दी गई है। कंपनियां H-1B वीजा प्रोग्राम के जरिए विदेशी वर्कर्स की हायरिंग करती हैं। ज्यादातर हायरिंग टेक, फाइनेंस, हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में की जाती है। हर साल 85 हजार H-1B वीजा जारी होते हैं, जिसमें से 20 हजार अमेरिका से पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को मिलते हैं। अमेरिका में लोगों का मानना है कि कंपनियां इस वीजा के जरिए विदेश से सस्ते वर्कर्स हायर करती हैं। इस वजह से उनकी नौकरियां जा रही हैं। यही विवाद की सबसे बड़ी वजह है। आइए अब उन चार बिलों के बारे में भी जान लेते हैं। (फोटो- Freepik)