डिजिटल डेस्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय ने सांप्रदायिक तनाव की आशंका जताते हुए स्थानीय प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने और कानून-व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को भेजे गए पत्र में मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालिया सैन्य घटनाक्रम का असर भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। खासतौर पर धार्मिक सभाओं या सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विदेशी घटनाओं का उल्लेख होने से संवेदनशील माहौल बन सकता है। मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे किसी भी संभावित अशांति को रोकने के लिए खुफिया समन्वय मजबूत करें और समय रहते हस्तक्षेप सुनिश्चित करें।भड़काऊ भाषणों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर एडवाइजरी में उन व्यक्तियों और समूहों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जो सांप्रदायिक भावनाएं भड़का सकते हैं। खासतौर पर कट्टरपंथी उपदेशकों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे को समय रहते रोका जा सके। सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीयों की मौजूदगी को देखते हुए संयम बरतने और स्थिति पर सतत निगरानी रखने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार हालात का आकलन जियोपॉलिटिकल और घरेलू दोनों दृष्टिकोण से कर रही है।


Source:   Dainik Jagran
March 02, 2026 19:54 UTC