28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया, जिसमें अली हुसैनी खामनेई की मृत्यु हो गई. इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपने लिए खतरा मानता है, जबकि ईरान इजरायल की नीतियों की खुलकर आलोचना करता रहा है. बात करें तनाव की जड़ की तो इजरायल और अमेरिका को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित कर सकता है, जबकि ईरान इसे शांतिपूर्ण बताता है. ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की है. अमेरिका ने भी क्षेत्र में अपने ठिकानों पर हमलों के बाद ईरान समर्थित समूहों पर एयरस्ट्राइक की हैं.