जागरण संवाददाता, वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने न्यायालय का आदेश आने के बाद कहा कि उनकी दलील न्यायालय में यह थी कि उनके खिलाफ दायर मुकदमा पूरी तरह से झूठा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास था कि झूठ कुछ समय के लिए परेशान करेगा, लेकिन अंततः सत्य के सामने टिक नहीं सकेगा। उल्लेख किया कि आज जनता के सामने शिकायतकर्ताओं की वास्तविकता उजागर हो रही है।आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अभी होली का पर्व है और वे रंगभरी एकादशी मनाएंगे। अपनी परंपरा के अनुसार, वे बाबा पर चढ़े अबीर को माथे पर टीका लगाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने सारी परिस्थितियों को सारथी के रूप में देखा है, यह समझते हुए कि कैसे कोई व्यक्ति फर्जी कहानी बनाकर पूरे देश और मीडिया को अपने पीछे चलने के लिए मजबूर कर सकता है।स्वामी ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं को क्या संदेश दिया जाए, न्यायालय ने उन्हें स्पष्ट संदेश दे दिया है। उन्होंने बताया कि शाम सवा पांच बजे उनके पक्ष के वकीलों ने अदालत की कार्रवाई के बारे में उन्हें अवगत कराया। वकीलों ने अदालत में सभी प्रमाण प्रस्तुत किए, जबकि विपक्षी वकील भी आनलाइन जुड़े हुए थे। सरकारी वकील को भी विस्तृत रूप से सुना गया। शिकायतकर्ता की वकील रीना सिंह ने जमानत को लेकर आपत्ति जताई।