जिस क्षेत्र में पवनी रहती हैं, वहां गुड़, दूध, गेहूं के अर्क और पानी का इस्‍तेमाल करके पारंपरिक हलवा बनाया जाता है। वहीं, देश के बाकी हिस्सों में हलवा चीनी, दूध, तेल और प्र‍िजर्वेटिव से भरा होता है। जब पवनी ने इस बिना चीनी और बिना तेल वाले हलवे का एक रील बनाया तो इंटरनेट पर इसकी चर्चा होने लगी। वीडियो वायरल हो गया। लोगों ने उन्हें संदेश भेजना शुरू कर दिया। पूछने लगे कि क्या वह इसे ऑर्डर कर सकती हैं। शुरुआत में उन्‍होंने मना कर दिया। लेकिन, अनुरोध आते रहे। आखिरकार उन्होंने इसे आजमाने का फैसला किया। लेकिन, सिर्फ एक महीने के लिए। पहले ही महीने में पवनी ने 18 लाख रुपये का टर्नओवर दर्ज किया। इसके लिए न तो उन्‍होंने कोई पूंजी लगाई थी, न कोई कारखाना किराये पर लिया था। अब उनका बिजनेस 1 करोड़ रुपये का है।कंटेंट क्रिएशन के लिए पवनी को अपने पति का समर्थन और अपने माता-पिता का प्रोत्साहन मिला। लेकिन, नाते-रिश्‍तेदारों ने ताने मारे। सवाल किए- उसे पैसों की जरूरत क्‍यों हैं, वह ऑनलाइन क्‍या कर रही है? पवनी ने इन बातों को नजरअंदाज किया और अपने काम में लगी रहीं। फिर सितंबर 2025 की शुरुआत में पोस्ट किया गया उनका एक नॉर्मल वीडियो व्यावसायिक उद्यम में बदल गया।अपने दोस्तों को करियर में सफल होते देख उन्हें पीछे छूट जाने का एहसास हुआ। उन्होंने आइडियाज के साथ एक्‍सपेरिमेंट करने की कोशिश भी की। लेकिन, गांव की स्थितियों ने साथ नहीं दिया। तुरंत कोई करियर ऑप्‍शन न होने के कारण पवनी ने इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएशन का सहारा लिया। इसके पीछे बिजनेस का कोई प्‍लान नहीं था। उन्‍होंने बस कुछ करने के लिए ऐसा किया।पवनी हमेशा से पढ़ाई-लिखाई में अच्‍छी थीं। उन्‍होंने बीएससी एग्रीकल्चर से ग्रेजुएशन पूरा किया। सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी, पुणे में एमबीए की सीट भी हासिल कर ली थी। इसके लिए फीस भी भर दी थी। लेकिन, एमबीए प्रोग्राम शुरू होने से ठीक एक हफ्ते पहले उनकी शादी तय हो गई। फिर कुछ ऐसी स्थितियां बनीं कि पवनी को अपनी एमबीए सीट छोड़नी पड़ी। 22 की उम्र में शादी के बाद पवनी अपने पति के गांव चली गईं। यह विशाखापत्तनम से लगभग 90 किलोमीटर दूर एक एकांत क्षेत्र था। यह एक ऐसा क्षेत्र था जहां परिवहन की खराब कनेक्टिविटी और काम के सीमित मौके थे। खासकर महिलाओं के लिए।


Source:   Navbharat Times
February 13, 2026 02:12 UTC