भास्कर न्यूज, पुणे। भारत को विकसित राष्ट्र बनने के लिए वर्ष 2047 तक इंतजार क्यों करना चाहिए? रघुनाथ माशेलकर ने किया। उन्होंने कहा कि सेवा, साधना, सृजनशीलता और संवेदनशीलता इन चार मूल्यों के आधार पर विकसित भारत का निर्माण होना चाहिए।डॉ. माशेलकर सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में बोल रहे थे। यह समारोह सामाजिक विज्ञान संकाय के धर्मवीर स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज सभागृह में कुलपति प्रा. सुरेश गोसावी की अध्यक्षता में दो सत्रों में आयोजित किया गया। इससे पूर्व सुबह 8.15 बजे विश्वविद्यालय की मुख्य इमारत के सामने कुलपति डॉ. गोसावी के हाथों ध्वजारोहण संपन्न हुआ।समारोह के पहले सत्र में सामाजिक, औद्योगिक, सहकार, शिक्षा और कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न हस्तियों को ‘जीवनसाधना गौरव पुरस्कार’ प्रदान किए गए। इस अवसर पर डॉ.