भास्कर न्यूज, पुणे। महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर पूरे राज्य में दुर्घटना के कारणों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बारामती में सैकड़ों नागरिक और कार्यकर्ता सोमवार को प्रशासनिक भवन पर एकत्र हुए और मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक दुर्घटना की सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रांत अधिकारी से मुलाकात कर उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दुर्घटना की त्वरित और पारदर्शी जांच शुरू करने की मांग की गई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अजित पवार केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि बारामती की पहचान और विकास के आधार स्तंभ थे। उनकी अचानक हुई मृत्यु से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। लोगों के मन में यह सवाल है कि आखिर यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।गौरतलब है कि दो दिन पहले बारामती की प्रमुख सहकारी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इससे पहले लोणी भापकर गांव के ग्रामीणों ने कड़ा बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया था।विमान दुर्घटना की जांच में हो रही देरी और ब्लैक बॉक्स से जुड़ी सामने आ रही सूचनाओं ने लोगों के संदेह को और बढ़ा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक मामले की गहन जांच कर सच्चाई सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक बारामतीवासी शांत नहीं बैठेंगे।