Nagpur News सदर पुलिस ने विभागीय आयुक्तालय में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से असभ्य बर्ताव करने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया है। पालकमंत्री शुक्रवार को विभागीय आयुक्तालय में बैठक कर रहे थे, तभी शिव भोजन थाली सेंटर के संचालक पहुंचे और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने बगैर अनुमति प्रदर्शन करने वालों को शांत करने का प्रयास किया, तो पुलिस से विवाद करने लगे। बावनकुले से भी असभ्य बर्ताव करने का आरोप है।चेतावनी देकर छोड़ा : पिछले 6 महीने से शिव भोजन थाली का भुगतान नहीं होने से शिव भोजन थाली सेंटर के संचालक सरकार से नाराज हैं। ओंकार पारवे और किशोर ठाकरे ने नारेबाजी की। सदर पुलिस बगैर अनुमति आंदोलन करने वाले शिव भोजन केंद्र संगठन के अध्यक्ष तानाजी वनवे, श्री मस्के, सुनील बैनर्जी, धरम पाटील और संजय कसोदन की जांच कर रही है। इस बीच हिरासत में लिए गए चार लोगों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। पालकमंत्री ने इन लोगों पर कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए थे।संचालकों को जल्द होगा भुगतान : शिव भोजन थाली योजना सेंटर के संचालकों काे कई महीने से निधि का भुगतान नहीं हुआ है। पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि शीघ्र ही इनका भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करके इसका हल निकाला जाएगा। संचालकों ने विभागीय आयुक्तालय में पालकमंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं बताईं। कुछ जगहों पर चार महीने से, तो कुछ जगहों पर 6 महीने से पैसा बकाया है।पुलिस ने खराब किया माहौल : वनवे : शिव भोजन संगठन के जिलाध्यक्ष तानाजी वनवे ने पुलिस पर वातावरण खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले विभागीय आयुक्तालय पहुंचे, तो उन्हें देखकर शिव भोजन केंद्र के संचालकों ने नारेबाजी की, जिसमें महिला-पुरुष शामिल थे। पुलिस ने नारेबाजी करने वालों से खींचतान की आैर कुछ लोगों को सदर पुलिस थाने ले गई। पालकमंत्री ने हमारा निवेदन स्वीकार करने के साथ ही हमारी समस्या सुनी और उसे हल करने का आश्वासन दिया। पुलिस पर वातावरण खराब करने का आरोप उन्होंने लगाया। पुलिस हमारे साथियों को परेशान कर रही है। अगर पुलिस ने हमारे साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, तो हमारा संगठन शनिवार को आंदोलन करेगा।घर बनाना होगा आसान : बावनकुले : बैठक में पालकमंत्री ने कहा कि एनएच सनद एक्ट रद्द करने से अब घर बनाना आसान होगा। राज्य सरकार ने एनए सनद एक्ट को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब तहसील या जिलाधीश ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। 10 वर्ग मीटर तक का एनए सिर्फ 0.10 प्रतिशत प्रीमियम देकर स्वीकार किया जाएगा। घर बनाने और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए अलग से एनए की जरूरत नहीं होगी। इस फैसले से आम नागरिकों के लिए घर खरीदना, बनाना और व्यवसाय करना आसान हो जाएगा।