Nagpur News राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सकारात्मकता, वर्तमान पर विश्वास और संपूर्णता के अनुभव का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक स्थिति में विश्वास अर्थात भरोसा कायम रहना चाहिए। हम सुनते आए हैं कि बाघ और बकरी साथ पानी पीते थे। विश्वास रखें उस दौर का पुनरागमन होगा। राष्ट्रपति ने नागरिक कर्तव्य का स्मरण कराते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक समानता को बढ़ावा दें, भेदभाव से दूर रहें और विश्वास के साथ सहभागिता रहे तो देश आगे बढ़ता है।ब्रह्माकुमारीज संस्था के स्वर्णिम महाराष्ट्र अभियान के शुभारंभ के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम का आयोजन जामठा स्थित ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति सरोवर में आयोजित किया गया था। इस दौरान देश के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत को सोने की चिड़िया कहते थे। वह युग अच्छा था। यह युग भी अच्छा है। इसके लिए हमें भी अच्छा ही होना चाहिए। कहते हैं विश्वास में ही भगवान है।विश्वास से ही भगवान को पा सकते हैं। भगवान भी सकारात्मकता चाहते हैं। एक दूसरे पर विश्वास करें। सकारात्मक के साथ मिशन मोड पर काम करने से सभी आगे बढ़ेंगे। महाराष्ट्र के संत, समाज सुधारकों के योगदान का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि महाराष्ट्र देश के विकास को शक्ति देता है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, ब्रह्माकुमारीज संस्था के अतिरिक्त सचिव मृत्युंजय, नागपुर जोन संचालिक रजनीबेन, राजयोगिनी चंद्रिका दीदी उपस्थित थीं। यह राज्य उद्याेग, सांस्कृतिक परंपरा का केंद्र है। महाराष्ट्र ने देश में सामाजिक, आर्थिक विकास का आदर्श उदाहरण रखा है।एकता का आह्वान : राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी एकता और विश्वास का आह्वान किया। उन्होंने कहा-एकता और विश्वास दोनों शब्द परस्पर पूरक हैं। जहां एकता है वहां विश्वास है और जहां विश्वास है वहां एकता है। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि तनाव व नशामुक्त समाज के लिए ब्रह्माकुमारीज संस्था का बड़ा योगदान है।