Nagpur News नागपुर शहर में कुल 3691 पेड़ ऐसे पाए गए हैं, जिनके आस-पास कंक्रीट का घेरा है और जो विभिन्न प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इनमें सबसे अधिक 3360 पेड़ मनपा के अधिकार क्षेत्र में हैं। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने निर्देश दिया है कि, सड़क किसी भी विभाग या प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में क्यों न हो, पेड़ों के आस-पास से सीमेंट और कंक्रीट हटाने की जिम्मेदारी मनपा की होगी। हालांकि, इस कार्य पर आने वाला खर्च संबंधित प्राधिकरणों को मनपा को देना होगा। शहर में पेड़ों के चारों ओर बिछाई गई सीमेंट-कंक्रीट हटाने और विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर हो रही पेड़ों की कटाई को रोकने के मामले में प्रलंबित दो जनहित याचिकाओं पर मंगलवार को न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ के समक्ष संयुक्त सुनवाई हुई।मनपा का शपथ पत्र : सुनवाई के दौरान मनपा उपायुक्त (उद्यान) ने शपथपत्र प्रस्तुत कर बताया कि, शहर के प्रमुख सड़कों पर पाए गए 3326 पेड़ों सहित कुल 7855 पेड़ों के आस-पास से कंक्रीट हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मनपा द्वारा नियुक्त निजी संस्था ने शहर में वृक्ष गणना के दौरान 9 मार्च 2026 तक 2859 ऐसे पेड़ों की पहचान की है, जिनके आस-पास कंक्रीट का घेरा है। मनपा के आंतरिक सर्वेक्षण में 832 और पेड़ों की पहचान हुई है। इसी प्रकार विभिन्न प्राधिकरणों के अधीन कुल 3 हजार 691 पेड़ ऐसे पाए गए हैं, जिनके आसपास सीमेंट का घेरा है। इनमें से मनपा क्षेत्र के 3 हजार 360 पेड़ों के आसपास का सीमेंट हटाने के लिए लगभग 45 से 50 दिनों का समय लगेगा। मनपा ने अन्य प्राधिकरणों को उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले पेड़ों के संबंध में पत्र भी भेजे हैं।अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद : हाईकोर्ट ने पेड़ों के आसपास का सीमेंट हटाने की जिम्मेदारी मनपा को सौंपी है, जबकि इस कार्य का खर्च संबंधित प्राधिकरणों को वहन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निश्चित करते हुए मनपा प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए है। न्यायालय मित्र के रूप में एड. राधिका बजाज, राज्य सरकार की ओर से एड. राव और मनपा की ओर से एड. जेमिनी कासट ने पैरवी की।