Mumbai News. महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राकांपा के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर 17 फरवरी को बड़ा फैसला हो सकता है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अपने विधायकों की अहम बैठक बुलाई है, जिसमें भविष्य की रणनीति और विलय के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक मुंबई में आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और सभी विधायक इस बैठक में शामिल होंगे। बैठक में सुनेत्रा सभी विधायकों से वन टू वन मुलाकात कर उनके मन की बात जानेंगी। इसके बाद राकांपा की दिशा को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है।वलसे पाटील ने दिए संकेतपूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटील ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान इस बैठक के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि दोनों गुटों के विलय को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने वाली है और वरिष्ठ नेतृत्व जल्द निर्णय ले सकता है। उनके बयान के बाद से ही राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अगर दोनों गुटों का विलय होता है तो राज्य की राजनीति में बड़ा समीकरण बदल सकता है। हालांकि विलय के मुद्दे पर राकांपा (अजित) के वरिष्ठ नेता फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि इस विषय पर फैसला वरिष्ठ स्तर पर लिया जाएगा। भरणे ने कहा कि अजित दादा का जाना सभी के लिए दुखद है। विलय को लेकर फैसला वरिष्ठ स्तर पर होगा। अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार प्रमुख हैं, उन्हें निर्णय लेने देना चाहिए। वहीं राकांपा (अजित) प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी कहा कि अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।क्या बदलेंगे राजनीतिक समीकरण? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर राकांपा के दोनों गुट एक साथ आते हैं तो इससे राज्य में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। इससे न केवल महाविकास आघाडी के गठबंधन की राजनीति प्रभावित होगी, बल्कि विपक्ष कमजोर हो सकता है। हालांकि अजित गुट के कई वरिष्ठ नेता दोनों गुटों के विलय की चर्चा को नकार चुके हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कह चुके हैं कि अजित पवार ने उनसे राकांपा (शरद) के साथ विलय को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं की। अब सभी की नजर 17 फरवरी को होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी हैं जो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।