Mumbai News. सोमदत्त शर्मा। राज्य में चल रहे विधानमंडल के बजट सत्र में होली के बाद विधानमंडल के दोनों सदनों में उपस्थिति को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। सूत्रों के मुताबिक हर मंत्री को विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में दिन भर में कम से कम दो-दो घंटे अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। फडणवीस ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि हर समय कम से कम पांच मंत्री सदन में मौजूद रहें, यह भी सुनिश्चित किया जाए। दरअसल ऐसा विपक्ष के सवालों से बचने के लिए किया है।विपक्ष को मिले माकूल जवाबभाजपा के एक वरिष्ठ नेता एवं मंत्री ने दैनिक भास्कर को बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले किसी भी मुद्दे पर तुरंत और प्रभावी जवाब दिया जा सके। इस मंत्री ने यह भी कहा कि होली की छुट्टियों से पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंत्रियों के साथ एक बैठक में कहा कि पिछले सत्रों में कई बार ऐसा देखने को मिला था कि मंत्री सदन में मौजूद नहीं होने के कारण सवालों का जवाब देने में देरी हुई या असहज स्थिति बनी। इससे विपक्ष को सत्ता पक्ष पर निशाना साधने का मौका मिल जाता है। इसी से बचने के लिए फडणवीस ने यह कदम उठाया है।पिछले बजट सत्र से लिया सबकपिछले वर्ष के बजट सत्र के दौरान मंत्रियों की अनुपस्थिति को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा था। उस समय तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने भी मंत्रियों की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए थे और व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता बताई थी। सरकार का मानना है कि सदन में मंत्रियों की नियमित उपस्थिति से न केवल कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों पर तुरंत प्रतिक्रिया भी दी जा सकेगी। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इसे अनुशासन और जवाबदेही से जोड़ते हुए सभी विभागों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। अब देखना होगा कि होली की छुट्टियों के बाद से यह व्यवस्था किस तरह लागू होती है।