डिजिटल डेस्क,जबलपुर। ग्रामीण अंचलों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनी सड़कों की अहम भूमिका है। इसके जरिए दूर-दराज के गांवों में भी विकास हो सका। आज किसान अपनी फसल के लिए किसी के मोहताज नहीं हैं, बल्कि सड़कों के माध्यम से वे सीधे शहरों का रुख कर लेते हैं। उपरोक्त विचार महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास संस्थान के डायरेक्टर एवं विकास आयुक्त अरविन्द यादव ने पीएमजीएसवाय के इंजीनियर्स के तीन दिवसीय अंतरराज्यीय प्रशिक्षण उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किए।स्टेट टेक्निकल एजेंसी इंजीनियरिंग महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में तीन राज्यों के लगभग 50 से अधिक फील्ड इंजीनियर्स हिस्सा ले रहे हैं। सत्र का शुभारंभ अरविन्द यादव एवं प्राचार्य डॉ. आरके यादव ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत नगर में पहली बार अंतरराज्यीय ट्रेनिंग आयोजित की गई है, जिसमें महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के पीएमजीएसवाय के इंजीनियर्स सम्मिलित हुए हैं।इस योजना के प्रारंभ से ही जेईसी को एसटीए के रूप में चिन्हित किया गया था। इस एसटीए के द्वारा पीएमजीएसवाय के अंतर्गत जबलपुर, रीवा एवं शहडोल संभाग में होने वाले सड़क निर्माण हेतु तकनीकी परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेईसी प्राचार्य डॉ. चांडक ने प्रशिक्षण को आवश्यक कड़ी बताते हुए कहा कि काॅलेजों से शिक्षित इंजीनियरों को विभाग की आवश्यकता और कार्यशैली से अवगत कराना इस तरह के प्रशिक्षणों का उद्देश्य होता है।कार्यों की लगातार होती है मॉनिटरिंगकार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. एके सिघई ने तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह देश की एक मात्र प्रभावी क्रियान्वित योजना है, जिसमें एक एजेन्सी के कार्य को अन्य स्वतंत्र एजेंसी के द्वारा चेक किया जाता है। उन्होंने बताया कि योजना के 25 वर्ष बाद 2001 जनगणना के आधार पर 99.6 प्रतिशत बसाहटों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा चुका है।वर्तमान में इस योजना का चतुर्थ चरण चल रहा है, जिसके क्रियान्वयन में 2011 की जनगणना आधारित बसाहटों को जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का संचालन प्रो. राकेश ग्रोवर द्वारा किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण संस्थान के प्रो.