डिजिटल डेस्क,जबलपुर। आगा चौक स्थित लाइफ मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती एक महिला की ऑपरेशन के बाद कुछ दिनों के अंतराल में मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर ऑपरेशन के बाद ठीक से देखभाल न किए जाने और उपचार में गंभीर लापरवाही किए जाने के आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार जगदीश मंदिर गढ़ाफाटक निवासी 59 वर्षीय सुनीता उसरेटे को गाॅल ब्लैडर के ऑपरेशन के लिए 16 फरवरी को लाइफ मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था।24 फरवरी को डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने ऑपरेशन किया। पति निखिल उसरेटे के अनुसार ऑपरेशन के बाद 2-3 दिन तक उनकी पत्नी की हालत ठीक थी, लेकिन फिर हालत बिगड़ती चली गई। बाएं हाथ में सूजन आने के साथ बात करने और शारीरिक गतिविधियों में भी समस्या होने लगी।ड्यूटी पर आने वाले डॉक्टरों से कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि सोडियम और पोटेशियम की मात्रा कम ज्यादा होने से ऐसा हो रहा है, जिसका इलाज चल है, वे जल्द ही ठीक हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और हालत बिगड़ती रही।डॉक्टराें ने भी किसी तरह का संतोषजनक जवाब देना बंद कर दिया। एक ड्यूटी डॉक्टर ने बिना जांच के बोल दिया कि दिमाग की नस दब गई है। बार-बार बोलने पर भी सोडियम-पोटेशियम की जांच नहीं कराई गई। शनिवार को हालत और अधिक बिगड़ने पर सीटी स्कैन कराया गया, लेकिन रविवार सुबह 4 बजे मरीज ने दम तोड़ दिया।ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पोस्ट ऑपरेटिव केयर में हद दर्जे की लापरवाही की गई। मरीज की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन है। पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी। इधर अस्पताल प्रबंधन ने पल्ला झाड़ते हुए आरोपों को निराधार बताया है।गॉल ब्लैडर का ऑपरेशन सफल रहा। मरीज पहले से अलग-अलग बीमारियों से जूझ रही थीं, जिसके चलते सर्जरी को दो बार टाला भी गया। परिजनों को पूरी जानकारी दी गई थी। ब्रेन हेमरेज के चलते उनकी मृत्यु हुई है। लापरवाही के आरोप निराधार हैं।डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, संचालक,लाइफ मेडिसिटी अस्पताल


Source:   Dainik Bhaskar
March 02, 2026 18:11 UTC