डिजिटल डेस्क,जबलपुर। स्वचालित टेस्ट स्टेशन (एटीएस) व पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) का कार्य एक ही स्थल में व फर्म के मालिक भी एक ही परिवार के होने का मामला प्रकाश में आने के बाद ग्वालियर से नवागत परिवहन आयुक्त ने जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं।विदित हो कि पूर्व आयुक्त के आदेश के बाद जांच की गति धीमी हो गई थी और मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब फिर परिवहन आयुक्त के समक्ष मामला आने के बाद उप आयुक्त परिवहन को आगे कार्रवाई करने कहा गया है।परिवहन आयुक्त उमेश जोगा का कहना है कि गलत तरीके से परिवहन विभाग में दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए एटीएस व आरवीएसएफ का लाइसेंस प्राप्त करने रजा मेटल व जेडएफ सर्विस के संचालक ने दो अलग-अलग फर्म एक ही संपत्ति में तैयार कराई और लाइसेंस प्राप्त किए जाने की शिकायत मिली थी। उप आयुक्त जबलपुर संभाग को जांच करने के निर्देश दिए गए थे, उन्हें आगे की जांच पूर्ण करने के लिए कहा गया है।उल्लेखनीय है कि खजरी खिरिया बायपास स्थित यह वही स्थल है, जहां खमरिया फैक्ट्री के बम व खोखे मिले थे और बारूद के कारण विस्फोट होने से कई लोगों की जान चली गई थी।इसके बाद पुलिस के साथ एनआईए की टीम द्वारा जांच की गई थी। बताया गया है कि खजरी खिरिया बायपास स्थित रजा मेटल के संचालक माननीय न्यायालय में न्यायिक कार्रवाई का सामना कर रहे हैं तथा मामला न्यायालय में विचाराधीन है।ऐसी स्थिति में उसी भूमि में एवं उसी खसरा नंबर पर किसी भी प्रकार की नई अनुमति लाइसेंस जारी किया जाना अनुकूल नहीं है। ऐसी स्थिति में रजा मेटल के संचालक व उनके परिवार के सदस्यों ने फर्म का नाम बदलकर जेडएफ सर्विस के नाम से एटीएस स्वचालित टेस्ट स्टेशन का लाइसेंस प्राप्त किया है।यह मामला प्रकाश में आने के बाद तत्कालीन परिवहन आयुक्त ने संचालक को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। वहीं सूत्रों का कहना है कि उनके द्वारा आज तक पक्ष नहीं दिया गया।खसरा नंबर एक, फर्म दोअधिकारियों का कहना है कि इस मामले में यह बात सामने आई है कि रजा मेटल व जेडएफ सर्विस दोनों के कार्य स्थल एक ही है और दोनों का खसरा नंबर समान है। इसका तात्पर्य यह है कि जिस एक ही खसरा नंबर पर पूर्व में रजा मेटल पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) संचालित हो रही है, वहीं पर जेडएफ सर्विस के नाम पर स्वचालित टेस्ट स्टेशन का लाइसेंस प्राप्त किया गया।