आज (12 फरवरी 2026) भारत बंद का आह्वान मुख्य रूप से केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी और किसान-विरोधी नीतियों के विरोध में किया गया है. यह आंदोलन 'आजाद भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक हड़ताल' के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें करीब 30 करोड़ कामगारों के शामिल होने का दावा है. उनका मानना है कि इससे देश की आर्थिक संप्रभुता को खतरा है. किसानों की मांगें और ट्रेड डीलसंयुक्त किसान मोर्चा (SKM) भी इस बंद का समर्थन कर रहा है। किसानों की मुख्य आपत्तियां हैं:भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (India-US Trade Deal): किसानों को डर है कि इससे अमेरिकी डेयरी और कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आ जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान होगा. मनरेगा (MGNREGA): ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के फंड में कटौती और नियमों में बदलाव का विरोध.