कैली अस्पताल के गलियारों में जब इन मासूमों की डिलीवरी हुई, तो वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप गई. जब इस बात की जानकारी पीड़िता के परिजनों को हुई, तो आनन फानन में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज उसे जेल भेज दिया गया. अब सवाल है कि क्या जेल की सजा उन जख्मों को भर पाएगी जो इन बच्चियों के कोमल मन पर लगे हैं? 13 साल की बच्ची का शरीर प्रसव के लिए तैयार नहीं होता. यह खबर हम सबके लिए एक आईना है कि हम अपनी बेटियों को कैसा समाज दे रहे हैं.