डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका इन दिनों भारी बर्फबारी का सामना कर रहा है। सोमवार को उत्तरी अमेरिका में मैरीलैंड से लेकर मेन तक जबरदस्त बर्फबारी देखी गई। इसकी वजह से ट्रांसपोर्टेशन, स्कूल और बिजनेस बंद हो गए और लाखों लोगों को घर पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। साथ ही, मौसम विभाग ने तेज हवा और भारी बर्फबारी की चेतावनी भी जारी की।मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि पिछले दस सालों में ये सबसे तेज तूफान है, जिसकी वजह से मेट्रोपॉलिटन नॉर्थईस्ट के कुछ हिस्सों में 2 फीट (60 सेंटीमीटर) से ज्यादा बर्फ गिरी। कई जगहों पर बर्फ जमा होने के रिकॉर्ड तक टूट गए, ट्रांसपोर्ट ठप पड़ गया और यहां तक कि यूनाइटेड नेशंस को सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग भी टालनी पड़ी।घोषित की गई इमरजेंसी अधिकारियों ने कई शहरों में इमरजेंसी घोषित कर दी और स्कूल बंद कर दिए। इसमें न्यूयॉर्क शहर भी शामिल है। यहां छह साल में पहली बार भारी स्नो फाल देखा गया और लोगों को बिजली जाने की समस्या से जूझना पड़ा।हालांकि, बर्फीला तूफान उत्तर की ओर बढ़ा और दूसरे इलाकों में कमी देखी गई। मौसम विभाग ने कहा कि वह एक और तूफान पर नजर रख रहा है जो इस हफ्ते के आखिर में इस इलाके में और बर्फबारी कर सकता है।हजारों फ्लाइट्स कैंसिल फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware के मुताबिक, सोमवार को अमेरिका आने-जाने वाली 5,600 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं और मंगलवार की 2,000 और फ्लाइट्स रोक दी गईं। ज्यादातर कैंसिलेशन न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और बोस्टन के एयरपोर्ट पर हुईं। लगभग 2,500 फ्लाइट्स में देरी हुई।रोड आइलैंड के T.F. ग्रीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सोमवार को घोषणा की कि वह कुछ समय के लिए एयरपोर्ट के सभी ऑपरेशन बंद कर रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि एयरपोर्ट पर 32.8 इंच (83.3 सेंटीमीटर) बर्फ गिरी, जिसने 1978 का रिकॉर्ड तोड़ दिया।